दिल्ली : आज हम बात करेंगे दिल्ली के मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित खिड़की गांव की, जो कभी शीला दीक्षित सरकार में मॉडल विलेज के रूप में जाना जाता था। लेकिन आज यहाँ के लोग टूटी सड़कों, सीवर के ओवरफ्लो, और मलबे की समस्या से परेशान हैं। दिल्ली में सरकार बदल गई, मालवीय नगर ने बीजेपी के सतीश उपाध्याय को विधायक चुना लेकिन आज भी इस गाँव को विकास का इंतज़ार है।
दिल्ली के मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में बसा खिड़की गांव कभी अपनी साफ-सफाई और बेहतर सुविधाओं के लिए मॉडल विलेज के रूप में चुना गया था। शीला दीक्षित सरकार के दौरान, 1998 से 2013 तक, इस गांव को विकास के लिए खास तवज्जो दी गई थी। लेकिन आज यहाँ की तस्वीर कुछ और ही बयान कर रही है। खिड़की क़िले के चारों तरफ़ गलियों में सीवर का पानी भरा हुआ है, सड़कें टूटी पड़ी हैं, और जगह-जगह मलबा बिखरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है।
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— द भारत खबर (@thebharatkhabar) April 1, 2025
दिल्ली के खिड़की गांव में विकास का इंतजार, सीवर ओवरफ्लो, खराब सड़कों, गंदगी के अंबार से बदहाल गांव की तस्वीर देखिए pic.twitter.com/xDb5zclinK
खिड़की गांव की एक निवासी राजवती कहती हैं, 'पहले हमारा गाँव मॉडल विलेज था, लेकिन अब यहाँ की हालत देखिए। सीवर का पानी सड़कों पर बहता है, बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। सड़कें इतनी टूटी हैं कि चलना मुश्किल है। हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
एक अन्य निवासी, राजेश कुमार कहते हैं, 'चुनाव के समय नेता वादे करते हैं, लेकिन बाद में कोई नहीं आता। दिल्ली जल बोर्ड को कई बार बोला, पर सीवर की सफाई तक नहीं होती, सप्लाई के पानी में सीवर का पानी मिक्स होकर आ रहा है लेकिन कोई देखने, सुनने वाला नहीं है।’
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दिल्ली के खिड़की गांव में सड़कों की बदहाल तस्वीर, शिकायतों के बावजूद भी नहीं हो रही सुनवाई@MCD_Delhi pic.twitter.com/XO8ZBUTfKJ
मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र, जो दक्षिण दिल्ली में साकेत और हौज़ खास के बीच बसा है, एक तरफ तो समृद्ध इलाकों के लिए जाना जाता है, लेकिन खिड़की जैसे गाँव यहाँ की दूसरी सच्चाई बयान करते हैं। हाल ही में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में यहाँ से बीजेपी के सतीश उपाध्याय ने जीत हासिल की, जिन्होंने AAP के सोमनाथ भारती को 2,000 से ज्यादा वोटों से हराया। लेकिन चुनावी जीत के बाद भी खिड़की गांव की समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं।
हाल ही में दिल्ली जल बोर्ड ने 8-9 मार्च 2025 को मालवीय नगर और आसपास के इलाकों में पानी की सप्लाई में कटौती की घोषणा की थी, क्योंकि अंडरग्राउंड रिजर्वायर और बूस्टर पंपिंग स्टेशन की सालाना मरम्मत और फ्लशिंग होनी थी। लेकिन खिड़की गांव के लोगों का कहना है कि पानी की सप्लाई तो ठीक है, पर सप्लाई का गंदा पानी और सीवर की समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकाला जा रहा।
शीला दीक्षित के शासनकाल में खिड़की गांव को मॉडल विलेज बनाने के लिए कई योजनाएँ लागू की गई थीं। सड़कों का निर्माण, सीवर सिस्टम की स्थापना, और साफ-सफाई पर खास ध्यान दिया गया था। लेकिन पिछले कुछ सालों में यहाँ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। स्थानीय लोग अब नई सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा।
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