भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता जल्द होने के आसार बढ़े
India-EU FTA (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता जल्द होने के आसाार बढ़ गए हैं। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच इसी माह 27 जनवरी को यह समझौता हो सकता है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उसुर्ला वॉन डेर लेयेन ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान संकेत दिया कि दोनों पक्ष इस बहुप्रतीक्षित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तैयार हैं। उसुर्ला वॉन डेर लेयेन ने अपने संबोधन में साफ किया कि यह समझौता महज एक कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।
इसलिए भी अहम है यह समझौता
अमेरिका की टैरिफ नीतियों का असर यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब वाशिंगटन (अमेरिका) की टैरिफ नीतियों और व्यापारिक व्यवधानों को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ इसे बदलती भू-राजनीति के बीच भारत और ईयू की रणनीतिक गोलबंदी के रूप में देख रहे हैं। गौरतलब है कि ईयू वित्त वर्ष 2023-24 में 135 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के साथ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है
दुनिया के सबसे बड़े समझौतों में से एक
इसे कुछ हलकों में मदर आॅफ आॅल डील्स कहा जा रहा है, जो दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्रों में से एक का निर्माण करेगा। इस दौरान विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा, “भारत और यूरोप के बीच अब तक का सबसे बड़ा समझौता बस होने ही वाला है। इस समझौते से दो अरब लोगों का एक साझा बाजार तैयार होगा। इसके साथ ही यह संयुक्त बाजार वैश्विक जीडीपी के लगभग एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा।
इसी माह हो सकती है घोषणा
माना जा रहा है कि सरकार एफटीए पर गणतंत्र दिवस के दौरान बड़ी घोषणा की तैयारी कर रही है। इस पर आधिकारिक मुहर 27 जनवरी को लगने की उम्मीद है। ज्ञात रहे कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उसुर्ला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे। वे गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके साथ ही 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली शिखर वार्ता में इस एफटीए के संपन्न होने की घोषणा की जा सकती है।

