जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा सोसाइटी (एनईएसटीएस) के छठे राष्ट्रीय ईएमआरएस सांस्कृतिक, साहित्यिक और कला उत्सव-उद्भव 2025 का समापन आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के वड्डेश्वरम स्थित केएल विश्वविद्यालय में हुआ।
यह उत्सव अजीत कुमार श्रीवास्तव (आईआरएएस), आयुक्त, एनईएसटीएस और एम.एम. नायक (आईएएस), सचिव, समाज कल्याण एवं आदिवासी कल्याण विभाग, आंध्र प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 1,558 छात्रों ने भाग लिया। इनमें 524 छात्र और 1,024 छात्राएं शामिल थीं। उनकी भागीदारी को 45 टीम लीडर, 178 एस्कॉर्ट्स, 22 दल प्रबंधक, 22 संपर्क अधिकारी, 10 अधिकारी, 19 एनईएसटीएस अधिकारी और पदाधिकारी, 137 उप-समिति सदस्य, 48 जूरी सदस्य और 60 राज्य अधिकारी और एपीटीडब्ल्यूआरईआईएस अधिकारीगण ने समर्थन दिया। तीन दिनों में, छात्रों ने 49 सांस्कृतिक, साहित्यिक, रचनात्मक और प्रदर्शन कला कार्यक्रमों में भाग लिया जिसमें देश के आदिवासी समुदायों की जीवंतता और विविधता को दर्शाया गया।
तेलंगाना ने समग्र पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। उसके बाद झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का स्थान रहा। कुल 105 प्रथम पुरस्कार, 105 द्वितीय पुरस्कार और 105 तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए और एक समग्र राज्य चैम्पियनशिप भी प्रदान की गई।
12 चयनित श्रेणियों के उद्भव 2025 के विजेता अब पुणे के यशदा में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कला उत्सव में ईएमआरएस का प्रतिनिधित्व करेंगे, जहां पूरे देश से टीमें भाग लेंगी। (स्रोत PIB)
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