हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ा और सराहनीय फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को 1 लाख 11 हजार रुपये का कैश अवार्ड दिया जाएगा।
यह निर्णय राज्य सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा, मेहनत और सामाजिक समानता को प्राथमिकता दी जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश, सूची जल्द भेजनी होगी
स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों से संबंधित पात्र विद्यार्थियों का विवरण निर्धारित प्रोफार्मा के अनुसार तैयार कर निदेशालय को भेजें।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यह प्रोत्साहन राशि केवल उन्हीं विद्यार्थियों को दी जाएगी, जिन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया है।
डाटा में किसी भी तरह की गलती न हो – निदेशालय
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने साफ शब्दों में कहा है कि डाटा तैयार करते समय विद्यार्थियों का
पूरी तरह सही, स्पष्ट और त्रुटिरहित होना चाहिए। किसी भी प्रकार की गलती होने पर कैश अवार्ड की राशि जारी करने में देरी या परेशानी आ सकती है।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा बोले – आगे बढ़ने की मिलेगी प्रेरणा
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को आगे भी कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला सामाजिक समानता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस योजना से हजारों मेधावी विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा और वे उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित होंगे।
मुफ्त वर्दी भत्ता समय पर जारी न होने पर शिक्षा विभाग नाराज
दूसरी ओर, शिक्षा विभाग ने मुफ्त वर्दी योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के विद्यार्थियों का डाटा समय पर अपडेट नहीं होने पर नाराजगी जताई है। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित विद्यार्थियों का डेटा वन स्कूल एप पोर्टल पर तुरंत अपडेट किया जाए।
गलत बैंक डिटेल बनी बड़ी वजह
शिक्षा निदेशालय द्वारा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कई विद्यार्थियों के
अधूरे या गलत पाए गए हैं। इसी वजह से डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से वर्दी भत्ते की राशि जारी नहीं हो पाई।
राशि लौटने के भी सामने आए मामले
शिक्षा विभाग ने बताया कि कुछ मामलों में बैंक खाते बंद या ब्लॉक होने, या गलत विवरण होने के कारण राशि वापस लौट गई। इसके चलते विद्यार्थियों को समय पर वर्दी का लाभ नहीं मिल सका। विभाग ने सभी स्कूलों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों की प्रोफाइल जल्द से जल्द दुरुस्त की जाए।


