पंचकूला में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में केंद्रीय गृहमंत्री ने की शिरकत, 1984 के दंगा पीड़ित परिवारों को सौंपे नियुक्ति पत्र
Amit Shah, (द भारत ख़बर), पंचकूला: देश के गृहमंत्री अमित शाह बुधवार को पंचकूला पहुंचे। यहा पर उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की। सबसे पहले वे सहकारिता सम्मेलन में पहुंचे। जहां उन्होंने दो अहम बातें कही। उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका से गेहूं मंगवाया जाता था। अब हरियाणा-पंजाब पूरे देश को रोटी दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एकाध महीने में भारत टैक्सी ले कर आएंगे। जिसका पूरा मुनाफा सीधे लोग की जेब में जाएगा। इसके बाद उन्होंने पुलिस परेड कार्यक्रम में शिरकत की।
जहां उन्होंने कहा कि पहली बैच है जिसमें 85% युवा ग्रेजुएट और डबल ग्रेजुएट है। ये पहली ऐसी बैच जिसकी औसत उम्र 26 साल है। ये पहली बैच है जो नए कानून बनने के बाद काम संभालने जा रही है। इसके अलावा शाह यहां 1984 के दंगा पीड़ित परिवारों को नौकरी का नियुक्ति दिया। शाह ने कहा कि ये भी गुरुओं की कृपा है कि हमारे प्रधानमंत्री के काल खंड में ही पहले गुरु से लेकर दशम गुरु से जुड़े कई बड़े कार्यक्रम आए। उनके कालखंड में कई काम हुए।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया, 250 ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ भी किया
इस कार्यक्रम के बाद शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही पूरे प्रदेश में 250 ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ किया। इन कार्यक्रमों के बाद वे पंचकूला में हरियाणा सरकार के वीर बाल दिवस पर कराए जा रहे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे। यह कार्यक्रम मुगलों से भिड़ने वाले साहिबजादों की याद में कराया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छोटे साहिबजादों को लेकर लिखी गई कॉफी टेबल बुक का लोकार्पण किया।
साहिबजादों की शहादत याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं
अमित शाह ने कहा कि साहिबजादों की शहादत याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। ये बहुत दर्दनाक महीना माना जाता है। जिन साहिबजादों की बात करना चाहते हैं बाबा जोरावर सिंह जिनकी उम्र सिर्फ 9 साल थी, बाबा फतेह सिंह जिनकी उम्र सिर्फ 7 साल थी, उन्हें लोभ दिए गए, लेकिन उन्होंने शहादत को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने भारत को एक सूत्र में पिरोया है, उनके योगदान को देश कभी भुला नहीं पाएगा।
गुरु तेग बहादुर न होते, तो हिंदू नहीं होते
उन्होंने कहा कि हम बात करें हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर की। यदि वह नहीं होते तो आज कोई भी हिंदू नहीं होता। कश्मीरी पंडितों को बचाने का भी काम उन्होंने किया। इसलिए उन्हें हिंद की चादर कहा गया है, पंजाब की चादर नहीं।
जल्द ही 6 हजार कांस्टेबलों की होगी भर्ती: नायब सैनी
केंद्रीय मंत्री शाह, दूसरे कार्यक्रम स्थल ताऊ देवी लाल स्टेडियम में 5061 पुलिस जवानों की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। यहां उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुझे अच्छा लग रहा है कि इस परेड का मोर्चा बच्चियों ने संभाला है। यहां सीएम सैनी ने घोषणा की वे जल्द ही हरियाणा में 6 हजार नए कांस्टेबल की भर्ती करेंगे।
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