दोनों कीमती धातुओं ने शुक्रवार को नई उच्च कीमत को छुआ
Gold-Silver Price Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : घरेलु बाजार में जबरदस्त मांग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। यही कारण है कि ये दोनों कीमती धातुएं हर रोज नया रिकॉर्ड कायम कर रहे हैं। शुक्रवार को भी दोनों के दाम में तेजी दर्ज की गई।
इस तेजी के साथ ही चांदी 9,350 रुपये की भारी उछाल दर्ज की गई, जिससे यह 2,36,350 रुपये प्रति किलोग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। जबकि सोने ने भी 1500 रुपए प्रति 10 ग्राम की छलांग लगाते हुए 1,42,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
31 दिसंबर 2024 को इतना था चांदी का भाव
31 दिसंबर, 2024 को चांदी 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जो अब तक इस कैलेंडर वर्ष में 1,46,650 रुपये (163.5%) बढ़ चुकी है। विशेषज्ञ इसके पीछे वैश्विक बाजारों में मची तेजी और घरेलु बाजार में जबरदस्त मांग को मुख्य कारण बता रहे हैं। शुक्रवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में 9,350 रुपये की भारी उछाल दर्ज की गई, जिससे यह 2,36,350 रुपये प्रति किलोग्राम के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।
आॅल इंडिया सरार्फा एसोसिएशन के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र (बुधवार) में चांदी 2,27,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। केवल पिछले चार सत्रों की बात करें तो 19 दिसंबर के बाद से चांदी में 32,250 रुपये (15.8%) की तेजी आ चुकी है।
शेयर बाजार में जारी रही गिरावट
घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुझान और विदेशी निधियों की निकासी के चलते लगातार तीसरे बाजार सत्र की समाप्ति गिरावट के साथ हुई। ज्ञात रहे कि इस सप्ताह की शुरुआत शेयर बाजार ने शानदार तेजी के साथ की थी लेकिन उसके बाद लगातार गिरावट का दौर चलता रहा और शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज करते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 367.25 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 85,041.45 पर बंद हुआ।
दिन भर में इसमें 470.88 अंक या 0.55 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 84,937.82 पर पहुंचा। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 99.80 अंक या 0.38 प्रतिशत गिरकर 26,042.30 पर आ गया, लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। वहीं शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे गिरकर 89.86 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
इन शेयरों में हुआ निवेशकों को नुकसान
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इटरनल और सन फार्मा सबसे बड़े पिछड़ने वालों में शामिल थीं। वहीं, टाइटन, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज और हिंदुस्तान यूनिलीवर को लाभ हुआ।

