चीन से आयात होने वाले सस्ते उत्पादों पर लगाया एंटी-डंपिंग शुल्क
Business News Today (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : घरेलू उद्योगों को मजबूत करने और उनका आकार बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल बीते दिन केंद्र सरकार ने घरेलू निर्माताओं को चीन से होने वाले सस्ते और अनुचित आयात की मार से बचाने के लिए वित्त मंत्रालय ने चीन के दो उत्पादों-‘कोल्ड-रोल्ड नॉन-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिकल स्टील’ और ‘1,1,1,2-टेट्राफ्लोरोइथेन’ नामक रेफ्रिजरेंट गैस- पर पांच साल के लिए एंटी-डंपिंग शुल्क लगा दिया है।
चीन की कुछ कंपनियों पर 223.82 अमेरिकी डॉलर प्रति टन और अन्य पर 415 अमेरिकी डॉलर प्रति टन का शुल्क लगाया गया है। रेफ्रिजरेंट गैस (फ-134ं) के आयात पर 5,251 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक का भारी-भरकम शुल्क लगाया गया है।
वियतनाम के उत्पादों पर भी लगाया शुल्क
इसके अलावा, वियतनाम से आयातित और प्लास्टिक उद्योग में इस्तेमाल होने वाले ‘कैल्शियम कार्बोनेट फिलर मास्टरबैच’ पर भी एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई गई है। यह कार्रवाई वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई डीजीटीआर की सिफारिशों के बाद की गई है, ताकि विदेशी उत्पादकों द्वारा कम कीमत पर माल डंप करने की प्रवृत्ति को रोका जा सके।
ईज आॅफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा
घरेलू उद्योगों को मजबूती देने और ‘ईज आॅफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने यह निर्णायक कदम उठाए हैं। व्यापार सुरक्षा के साथ-साथ सरकार ने खनन क्षेत्र में लाल फीताशाही कम करने के लिए एक बड़ा सुधार किया है। सरकार ने ‘कोलियरी कंट्रोल रूल्स, 2004 के नियम 9 में संशोधन किया है, जिसका उद्देश्य कोयला और लिग्नाइट खदानों को खोलने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। इस संशोधन के तहत सीसीओ की मंजूरी की शर्त खत्म कर दी गई है। अब खदान मालिकों को खदान या सीम खोलने के लिए, या 180 दिनों से अधिक समय तक बंद रही खदान को फिर से शुरू करने के लिए ‘कोयला नियंत्रक संगठन’ से पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।
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