सोमवार देर रात ढाका पहुंच गए रियाज हामिदुल्लाह
Bangladesh politics (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और अशांति का असर सीधे तौर पर भारत और बांग्लादेश के रिश्तों पर पड़ रहा है। ज्ञात रहे कि 1971 में बांग्लादेश की स्थापना से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच रिश्ते कभी भी इतने खराब नहीं हुए थे। राजनीतिक अस्थिरता के बीच जहां बांग्लादेश में हिंदू परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है वहीं भारत में भी बांग्लादेश के खिलाफ धरने प्रदर्शन लगातार जारी हैं।
इसी बीच भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को विदेश मंत्रालय ने आपात आधार पर ढाका तलब किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह सोमवार देर रात ढाका पहुंच गए। बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ने विदेश मंत्रालय के एक जिम्मेदार सूत्र के हवाले से बताया कि भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों में हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उच्चायुक्त को मौजूदा हालात पर विस्तृत चर्चा और परामर्श के लिए बुलाया गया है।
दो हिंदू युवकों की हत्या, पांच घर जलाए
पिछले कुछ दिन में बांग्लादेश में दो हिंदू युवकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। जिससे वहां पर रह रहे हिंदू परिवार दहशत में हैं। इसके साथ ही राजधानी ढाका से 240 किलोमीटर दूर पिरोजपुर जिले में रविवार को हिंदू परिवारों के पांच घरों में आग लगा दी गई। आगजनी से पहले उपद्रवियों ने घरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए, जिसके चलते अंदर फंसे आठ लोगों ने टीन और बांस की बाड़ तोड़कर मुश्किल से जान बचाई।
इसलिए दोनों देशों के बीच हालात हो रहे खराब
हाल के दिनों में भारत और बांग्लादेश के संबंधों को लेकर कई मुद्दों पर मतभेद उभरकर सामने आए हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी खास कारण का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे दोनों देशों के बीच संवाद की जरूरत के रूप में देखा जा रहा है। भारत और बांग्लादेश के रिश्ते दक्षिण एशिया की राजनीति और सुरक्षा संतुलन के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।
ऐसे में राजदूत को अचानक तलब किया जाना यह संकेत देता है कि कूटनीतिक स्तर पर गंभीर मंथन चल रहा है। वहीं बांग्लादेश की अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भी वहां की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत की राजनीतिक शरण में भारत रह रही है। इन दोनों देशों के बीच संबंध खराब होने का एक बड़ा कारण यह भी हो सकता है।
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