रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्य नाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की शिरकत
CM Yogi Adityanath, (द भारत ख़बर), अयोध्या: उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ ने कहा कि हनुमान जी स्वयं अयोध्या की रक्षा कर रहे हैं। योगी ने कहा, सनातन से ऊपर कोई नहीं। पिछली सरकार में अयोध्या को लहूलुहान करने का काम किया गया। उनके शासन में अयोध्या में आतंकी हमले हुए। 2005 में दुस्साहस किया तो पीएसी के जवानों ने ठक-ठक-ठक कर मार गिराया। सीएम योगी आज अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।
रामनगरी आस्था और उत्सव के रंग में डूबी हुई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी ने हनुमानगढ़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। राजनाथ ने आरती के बाद प्रभू श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया। रामलला के दर्शन के बाद राजनाथ माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई। अन्नपूर्णा मंदिर से रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री राम मंदिर परिसर से 200 मीटर दूर अंगद टीला पहुंचे।
राजनाथ ने महंत प्रेम दास के पैर छुए
इससे पहले राजनाथ और योगी ने हनुमानगढ़ी की परिक्रमा की। राजनाथ ने महंत प्रेम दास के पैर छुए किए और पास में रखे आसन पर बैठे। पीएम मोदी ने भी एक्स पर पोस्ट कर वर्षगांठ को आस्था और संस्कारों का एक दिव्य उत्सव बताया।
22 जनवरी 2024 को हुई थी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
बता दें कि राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 22 जनवरी 2024 को हुई थी। उस दिन हिंदी पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी का दिन था। आज भी यही तिथि है। इस वजह से प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ आज मनाई जा रही है।
राम हमारी चेतना में बसे हैं: राजनाथ
इस मौके पर राजनाथ ने कहा, आॅपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने भी, भगवान राम के इसी मर्यादा का पालन किया। जैसे राम का लक्ष्य रावण का संहार नहीं, बल्कि अधर्म का अंत था। हमारा भी वही लक्ष्य था, कि हम आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखा कर आएंगे और हमने बस वही किया।
जहां किसी ने आखिरी आशा छोड़ी नहीं, वहां राम उपस्थित हैं। जहां किसी ने अन्याय सहकर भी अधर्म नहीं चुना, वहां राम जीवित हैं। राजनाथ ने कहा, मैं हमेशा कहता हूं, कि राम हमारी चेतना में बसे हैं। वो हमारी चेतना में ऐसे रचे-बसे हैं, कि उनकी मर्यादा हमारी पहचान बन गई है।
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