हरियाणा के नारनौल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राधेश्याम शर्मा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शुक्रवार को गुरुग्राम में इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला से मुलाकात की। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में राधेश्याम शर्मा ने पुष्टि की कि वह 18 जनवरी को नांगल चौधरी में एक बड़ी रैली के दौरान अभय सिंह चौटाला की मौजूदगी में इनेलो जॉइन करेंगे।
राधेश्याम शर्मा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में नारनौल से निर्दलीय चुनाव जीतकर विधायक के रूप में की थी। इसके बाद 2009 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और उसी वर्ष नांगल चौधरी से कांग्रेस टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा, हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
2014 में निर्दलीय चुनाव, फिर कांग्रेस में वापसी
कांग्रेस से मतभेदों के चलते राधेश्याम शर्मा ने 2014 में पार्टी से इस्तीफा देकर नांगल चौधरी से निर्दलीय चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्हें लगभग 15 हजार वोट मिले, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। इसके बाद वे दोबारा कांग्रेस में शामिल हो गए थे। अब एक बार फिर उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया है।
अभय चौटाला को नांगल चौधरी आने का न्योता
पूर्व विधायक ने बताया कि उन्होंने अभय सिंह चौटाला को 18 जनवरी को नांगल चौधरी आने का निमंत्रण दिया है, जहां एक बड़ी राजनीतिक रैली के दौरान वे औपचारिक रूप से इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) में शामिल होंगे।
राजनीतिक विरासत वाला परिवार
राधेश्याम शर्मा का परिवार अहीरवाल बेल्ट में लंबे समय से राजनीतिक रूप से प्रभावशाली रहा है। उनके भाई कैलाश चंद शर्मा वर्ष 1996 में नारनौल से निर्दलीय विधायक चुने गए थे। वर्ष 1998 में चौधरी बंसीलाल सरकार गिराने में कैलाश शर्मा की अहम भूमिका मानी जाती है। उसी दौरान ओमप्रकाश चौटाला की सरकार बनी, जिसमें कैलाश चंद शर्मा को राजस्व मंत्री बनाया गया।
पत्नी भी रह चुकी हैं जिला प्रमुख
कैलाश चंद शर्मा की पत्नी बर्फी देवी वर्ष 1995 में महेंद्रगढ़ की जिला प्रमुख रह चुकी हैं और वे चार बार पार्षद भी निर्वाचित हुई हैं। 1990 के दशक में शर्मा परिवार की अहीरवाल क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती थी।



