सिविल अस्पताल में बच्चों भर्ती करने के लिए नया वार्ड खोलना पड़ा
Contaminated Water, (द भारत ख़बर), गांधीनगर: इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में गंदा पानी पीने से पिछले तीन दिनों 104 बच्चे 150 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। इनमें से 50% बच्चों को टाइफाइड हुआ है। हालात इतने बिगड़े कि सिविल अस्पताल में बच्चों भर्ती करने के लिए नया वार्ड खोलना पड़ा। यहां भी पीने के पानी की पाइप लाइन में सीवेज की गंदगी मिल रही थी। शहर के सेक्टर-24, 28 और आदिवाड़ा इलाके के लोग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। प्रशासन ने पानी की सप्लाई जांची तो 10 जगह लीकेज मिले। स्मार्ट सिटी योजना के तहत करोड़ों की लागत से बिछाई गई नई पाइपलाइन में यह लीकेज थे।
सिविल अस्पताल की अधीक्षक डॉ. मिताबेन पारिख ने बताया कि वर्तमान में 104 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और पिछले तीन दिनों में बीमार बच्चों की संख्या में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। सिविल अस्पताल में 1 से 16 वर्ष की आयु के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हैं। डॉ. मिताबेन के अनुसार, बच्चे तेज बुखार, पेट दर्द और उल्टी की शिकायत लेकर आ रहे हैं, जिन्हें फिलहाल आईवी फ्लूइड और एंटीबायोटिक्स देकर स्थिर किया जा रहा है।
75 स्वास्थ्य टीमें तैनात
हालात की गंभीरता को देखते हुए 75 स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं, जो 90 हजार लोगों की जांच कर चुकी हैं। गृह मंत्री अमित शाह और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी मामले का संज्ञान लिया है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि 20 जनवरी तक मामलों की संख्या 350 का आंकड़ा पार कर जाएगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने कलेक्टर से बात की
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को जिला कलेक्टर, नगर आयुक्त, स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने गांधीनगर सिविल अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि 22 डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की गई है और उच्च अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने भी कलेक्टर से फोन पर चर्चा की और युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए।
रिसाव की मरम्मत और पानी में क्लोरीन मिलाने का काम किया जा रहा
रिसाव की मरम्मत और पानी में क्लोरीन मिलाने का काम भी किया गया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए महिला स्वास्थ्यकर्मियों और आशा सिस्टर्स के साथ ही 80 से ज्यादा कर्मचारियों की 40 टीमें तैनात की गई हैं। स्वास्थ्य टीमों ने अब तक 90,000 से ज्यादा लोगों की जांच की है।
इंदौर में अब तक 16 मौतें
देश के सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा में भी दूषित पानी से अब तक 16 मौतें हो चुकी हैं। 150 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। अलग-अलग हॉस्पिटल के कउव में भर्ती लोगों को एक जगह शिफ्ट किया जा रहा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है। वहीं, इंदौर नगर निगम और सरकार को तत्काल अतिरिक्त पानी के टैंकर भेजने का आदेश दिया है।

