सीरिया और इराक में आईएस के करीब 5,000 से 7,000 सदस्य सक्रिय
America attack on Syria (द भारत ख़बर), वाशिंगटन : पिछले दिनों सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की हत्या के बदले में अमेरिका ने सीरिया पर गत देर रात हवाई हमले किए। अमेरिकी वायु सेना ने उस जगह बम बरसाए जिस जगह प्रतिबंधित आईएस का कब्जा है। अमेरिका ने उन जगहों को चिन्हित करके ही हमला किया जहां पर आतंकी संगठन एसआई के ठिकाने ज्यादा संख्या में थे। यह हमले देर रात 12.30 बजे किए गए। इन हमलों में सीरिया भर में इस्लामिक स्टेट के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ज्ञात रहे कि सीरिया पिछले साल के अंत में आईएस विरोधी गठबंधन में शामिल हुआ था। साल 2019 में सीरिया में हार के बावजूद, आईएस की अभी भी सीरिया में मौजूदगी है और इसके स्लीपर सेल अभी भी सीरिया और इराक में घातक हमले करते हैं। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भी सीरिया और इराक में आईएस के करीब 5,000 से 7,000 सदस्य सक्रिय हैं।
हमलों के बाद अमेरिकी सेना का बयान आया सामने
अब शनिवार को एक बार फिर अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों की सेनाओं के साथ मिलकर सीरिया में हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि अमेरिका ने सहयोगी बलों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर हमले किए, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को एक बयान में कहा, ‘हमारा संदेश साफ है, अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया में कहीं से भी ढूंढ निकालेंगे और मार देंगे, चाहे आप न्याय से बचने की कितनी भी कोशिश कर लें।’ पिछले महीने एक हमले में अमेरिका के दो सैनिक और एक एक सीरियाई नागरिक की मौत हो गई थी। जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने आईएस के ठिकानों पर भारी बमबारी की थी।
ब्रिटेन और फ्रांस ने भी की थी कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले बीते महीने 19 दिसंबर को अमेरिका ने सीरिया पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे, जिसमें आईएस के 70 ठिकानों को निशाना बनाया गया था। उसके बाद बीते हफ्ते ही ब्रिटेन और फ्रांस की सेनाओं ने भी सीरिया में हवाई हमले किए। इन हवाई हमलों का निशाना भी आईएस था। ये हमले सीरिया को होम्स प्रांत के ऐतिहासिक पल्मायरा इलाके में हुई थी।
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