इस साल के आम बजट में हो सकती हैं बड़ी घोषनाएं, अमेरिकी टैरिफ से पार पाना और उच्च विकास दर हासिल करना लक्ष्य
Budget 2026 (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : विपरीत परिस्थितियों और वैश्विक व्यापार की बदलती तस्वीर के बीच भारतीय सरकार की कोशिश देश की अर्थव्यवस्था की उच्च विकास दर बनाए रखने के साथ ही अमेरिकी टैरिफ से पार पाना है। इसी के चलते आने वाले दिनों में संसद में पेश होने जा रहे आम बजट में इसकी झलक दिखाई दे सकती है। वित्त विशेषज्ञों का कहना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वित्त मंत्रालय इसकी तैयारी लगभग पूरी कर चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार की रणनीति उच्च विकास दर बनाए रखने, निर्यात बढ़ाने और निवेश के नए अवसर तैयार करने पर केंद्रित रहेगी।
यह है सरकार का उद्देश्य
वित्तीय मामलों के जानकारों का कहना है कि बदलते वैश्विक हालात में भारत खुद को मजबूत आर्थिक विकल्प के रूप में पेश करना चाहता है। सरकार आम बजट के जरिए सेवा क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा, अंतरिक्ष और स्वास्थ्य सेवा जैसे अहम क्षेत्रों में बड़े सुधारों की घोषणा कर सकती है। इन क्षेत्रों को रोजगार सृजन और दीर्घकालिक विकास की रीढ़ माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।
व्यापार समझौते देंगे विकास को गति
एक तरफ जहां केंद्र सरकार घरेलु उद्योग को मजबूत करने में जुटी हुई है। वहीं सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा देशों के साथ व्यापारिक समझौतों को अमली रूप दिया जाए। ज्ञात रहे कि वर्तमान समय में भारत विश्व के कई प्रमुख देशों के साथ व्यापारिक समझौतों पर वार्ता आगे बढ़ा रहा है। इन समझौतों में मुक्त व्यापार समझौता, प्राथमिकता व्यापार समझौता और द्विपक्षीय निवेश संधि भी शामिल है। इन समझौतों से भारत की आर्थिक विकास दर को बढ़ावा मिलेगा।
बजट में इन क्षेत्रों पर रह सकता है फोकस
जानकारों का कहना है कि इस साल बजट में विशेष रूप से सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की योजना। 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य। डिजिटल और अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की तैयारी। बुनियादी ढांचे को तेज गति से मजबूत करने पर फोकस। स्वास्थ्य सेवा को किफायती और सुलभ बनाने की पहल आदि पर सरकार का फोकस रह सकता है।
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