हरियाणा से फसल बीमा क्लेम घोटाले को लेकर बड़ी और अहम खबर सामने आई है। किसानों द्वारा लंबे समय से लड़ी जा रही कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई में अब बड़ी सफलता मिली है। कृषि विभाग हरियाणा के संयुक्त निदेशक राजीव मिश्रा को फसल बीमा क्लेम घोटाले में प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव पंकज अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई को राज्य में फसल बीमा घोटाले के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
यह महत्वपूर्ण फैसला हरियाणा सचिवालय चंडीगढ़ में आयोजित स्टेट ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी (SGRC) की सुनवाई के दौरान लिया गया। सुनवाई में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संयुक्त निदेशक की भूमिका को संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद सरकार ने बिना देरी किए निलंबन का आदेश जारी कर दिया। इस फैसले के बाद बीमा क्लेम घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।
भिवानी और दादरी जिले के किसान पिछले कई महीनों से फसल बीमा क्लेम घोटाले की जांच को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से फसल बीमा क्लेम में बड़े स्तर पर घोटाला किया गया, जिसके चलते हजारों किसानों का खरीफ 2023 का बीमा क्लेम आज तक अटका हुआ है। किसानों का कहना है कि जानबूझकर क्लेम फाइलों को लटकाया गया और नियमों की अनदेखी की गई।
SGRC की सुनवाई के दौरान फसल बीमा घोटाले की मुख्य आरोपी कंपनी क्षेमा जनरल इंश्योरेंस द्वारा समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस पर मुख्य सचिव पंकज अग्रवाल ने कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इस पूरे मामले को राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने संसद के सदन पटल पर मजबूती से उठाया था। उन्होंने फसल बीमा क्लेम में हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच, किसानों को उनका हक दिलाने और दोषी अधिकारियों व बीमा कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी किरण चौधरी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। सांसद किरण चौधरी ने मौके पर ही सरकार के उच्चाधिकारियों से बातचीत कर जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए और मामले को मुख्यमंत्री नायब सैनी के संज्ञान में लाते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की थी।
संयुक्त निदेशक के निलंबन के बाद अब यह माना जा रहा है कि फसल बीमा क्लेम घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों पर भी शिकंजा कसेगा। इस कार्रवाई का सीधा लाभ भिवानी-दादरी जिले के उन हजारों किसानों को मिलने की संभावना है, जिनका खरीफ फसल 2023 का बीमा क्लेम लंबे समय से लंबित है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच तेज होगी और किसानों का अटका हुआ बीमा क्लेम जारी होने का रास्ता साफ हो सकता है।



