ट्रम्प ने व्यापार घाटे को नेशनल इमरजेंसी बताते हुए अप्रैल 2025 में लगाया था ग्लोबल टैरिफ
US Supreme Court, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रम्प के टैरिफ लगाने के अधिकार पर अपना फैसला फिलहाल टाल दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले की अगली सुनवाई कल होगी। इससे पहले 9 जनवरी को फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन उस दिन भी कोई फैसला नहीं हुआ था। इससे पहले ट्रम्प ने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने उनके लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को रद्द किया, तो अमेरिका के लिए हालात पूरी तरह बिगड़ सकते हैं। इससे देश को टैरिफ से आए अरबों डॉलर लौटाने पड़ सकते हैं।
ट्रम्प ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर टैरिफ लगाया
दरअसल, अप्रैल 2025 में ट्रम्प ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए दुनिया के कई देशों से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ यानी आयात शुल्क लगा दिए थे। टैरिफ का मतलब होता है कि किसी देश से आने वाले सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया जाए, ताकि वह महंगा हो जाए और घरेलू कंपनियों को फायदा मिले।
टैरिफ्स से अमेरिका को 600 अरब डॉलर से ज्यादा राजस्व मिला
ट्रम्प का दावा है कि इन टैरिफ्स से अमेरिका को 600 अरब डॉलर से ज्यादा राजस्व मिला है। ट्रम्प के मुताबिक, यह पैसा अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है और देश को विदेशी निर्भरता से बचाता है, इसलिए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखना सही है। अब इसी फैसले को चुनौती दी गई है और इस पर सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाने वाली है। अदालत यह तय करेगी कि राष्ट्रपति ने जो टैरिफ लगाए, क्या उनके पास ऐसा करने का कानूनी अधिकार था या नहीं।
ये भी पढ़ें: कर्नाटक सीएम पद को लेकर स्थिति साफ करें राहुल गांधी: सिद्धारमैया

