Khushi Mukharjee: बॉलीवुड और टीवी में एक्ट्रेस इतनी बोल्ड क्यों हैं: पिछले कुछ सालों में, बॉलीवुड और टेलीविज़न इंडस्ट्री में बहुत बड़े बदलाव आए हैं। ब्लैक एंड व्हाइट ज़माने से लेकर आज की ग्लैमरस दुनिया तक, न सिर्फ़ कहानियाँ बदली हैं, बल्कि सितारों की इमेज भी बदल गई है। आजकल, कई एक्ट्रेस अपने काम से ज़्यादा अपने बोल्ड और रिवीलिंग कपड़ों की वजह से सुर्खियों में रहती हैं, जिससे एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की सच्चाई पर गंभीर सवाल उठते हैं। क्या सिनेमा में सफलता का शॉर्टकट बोल्डनेस है, या टैलेंट ही असली चाबी है? आइए और गहराई से जानते हैं।
इंडस्ट्री में आने के बाद एक्ट्रेस बोल्ड क्यों हो जाती हैं?
आजकल, कई एक्ट्रेस अपने बोल्ड फैशन चॉइस के लिए लगभग रोज़ाना ट्रोल होती हैं। फिलहाल, खुशी मुखर्जी इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं, जिन्हें अक्सर अपने कपड़ों की वजह से लोगों की आलोचना झेलनी पड़ती है। इसी तरह, टीवी एक्ट्रेस निया शर्मा को भी उनके बोल्ड लुक्स की वजह से अक्सर टारगेट किया जाता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है – क्या ये एक्ट्रेस हमेशा से इतनी बोल्ड थीं, या इंडस्ट्री ने उन्हें बदल दिया?
निया शर्मा की पुरानी तस्वीरों को देखने से पता चलता है कि जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा था, तो उनका स्टाइल सिंपल और ट्रेडिशनल था। समय के साथ, जैसे-जैसे वह ग्लैमर की दुनिया का हिस्सा बनीं, उनका फैशन बदला और ज़्यादा बोल्ड हो गया। इससे एक अहम बात सामने आती है – क्या इंडस्ट्री एक्ट्रेस पर अपनी इमेज बदलने का दबाव डालती है ताकि वे प्रासंगिक बनी रहें?
क्या ध्यान खींचने और काम पाने का सबसे आसान तरीका बोल्डनेस है?
अक्सर माना जाता है कि बोल्डनेस से एक्ट्रेस को तुरंत अटेंशन मिलती है। शुरुआती दिनों में, ग्लैमरस या बोल्ड साइड दिखाने से नोटिस होना और प्रोजेक्ट मिलना आसान हो जाता है। हालांकि, जब लंबे समय की सफलता की बात आती है, तो टैलेंट बोल्डनेस से कहीं ज़्यादा मायने रखता है।
कई ऐसी एक्ट्रेस हैं जो अपनी डेब्यू फिल्मों में बहुत ज़्यादा बोल्ड हुई थीं, लेकिन अब काम के लिए संघर्ष कर रही हैं। बोल्ड होने से कुछ समय के लिए लाइमलाइट मिल सकती है, लेकिन यह एक स्थायी करियर की गारंटी नहीं देता।
पूनम पांडे ने क्या खुलासा किया था?
पूनम पांडे, जो अपने बोल्ड और टॉपलेस अपीयरेंस के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने एक बार एक चौंकाने वाला खुलासा किया था। एक इंटरव्यू में, उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों ने उन्हें लाइमलाइट में बने रहने के लिए विवादों में रहने और “अजीबोगरीब चीजें” करने की सलाह दी थी। पूनम के अनुसार, उन्हें बताया गया था कि ऐसा व्यवहार करने से उन्हें आसानी से काम मिल जाएगा।
यही वजह है कि पूनम अक्सर बोल्ड लुक्स को विवादित बयानों के साथ मिलाती थीं, जिससे वह सुर्खियों में बनी रहती थीं। जब बोल्डनेस उल्टा पड़ जाए: काला सच
बोल्डनेस के चक्कर में कई एक्ट्रेस को अपने करियर में दिक्कतें आईं। पूनम पांडे, खुशी मुखर्जी, उर्फी जावेद और निया शर्मा जैसे नामों ने खुलकर माना है कि ऐसे भी दौर आए जब उनके पास बहुत कम या बिल्कुल काम नहीं था। उनमें से कई लंबे समय तक बिना काम के रहीं, जिससे यह साबित होता है कि सिर्फ बोल्डनेस से लगातार मौके नहीं मिल सकते।
आखिर में, बोल्डनेस भले ही लोगों का ध्यान खींचे, लेकिन बॉलीवुड और टेलीविज़न में एक लंबा करियर बनाने के लिए असली चीज़ टैलेंट, डिसिप्लिन और वर्सटैलिटी ही है।

