हरियाणा सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को आर्थिक संबल देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा बौने व्यक्तियों के लिए बौना भत्ता योजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य शारीरिक रूप से बौने व्यक्तियों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सहयोग देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
जिला सिरसा में वर्तमान में सात बौने व्यक्तियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। योजना के तहत मिलने वाली यह मासिक सहायता उन लोगों के लिए विशेष रूप से मददगार साबित हो रही है, जिन्हें शारीरिक सीमाओं के कारण रोजगार प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक सहायता से लाभार्थी अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहे हैं और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में उन्हें सहयोग मिल रहा है।
बौना भत्ता योजना के अंतर्गत वही व्यक्ति पात्र माने जाते हैं, जो पिछले एक वर्ष से हरियाणा के स्थायी निवासी हों और जिनके पास सिविल सर्जन द्वारा जारी किया गया बौनेपन का प्रमाण पत्र हो। पात्रता के अनुसार पुरुष की लंबाई तीन फीट आठ इंच तथा महिला की लंबाई तीन फीट तीन इंच निर्धारित की गई है। आवेदकों को निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होता है, जिसके बाद आवेदन पत्र कार्यालय में जमा करवाया जाता है।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 60 दिनों के भीतर आवेदन को स्वीकृत कर दिया जाता है। आवेदन के साथ राशन कार्ड, वोटर पहचान पत्र, आधार कार्ड और सिविल सर्जन द्वारा जारी प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। योजना के अंतर्गत दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है।
सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बौनेपन से प्रभावित व्यक्तियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें समाज में सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है। बौना भत्ता योजना जैसे कदम सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक सकारात्मक पहल माने जा रहे हैं। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अपने आसपास के पात्र व्यक्तियों को इस योजना की जानकारी दें और आवेदन प्रक्रिया में उनका सहयोग करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद इस सरकारी सहायता से वंचित न रह जाए।



