साल 2025 में जोरदार वृद्धि दर्ज करने के बाद, 2026 में भी रिकॉर्ड बना रहीं कीमती धातुएं
Gold Price Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी साल 2025 सोने और चांदी के नाम रहा। इन दोनों धातुओं ने पूरा साल निवेशकों को जोरदार रिटर्न दिए और इनकी कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी रहा। जनवरी 2026 के पहले 15 दिन में भी इन दोनों धातुओं के दाम में जोरदार तेजी देखने को मिली है। दोनों ही अपने-अपने स्तर पर शीर्ष पर हैं।
वहीं जानकारों का कहना है कि दोनों कीमती धातुओं में आने वाले दिनों में भी तेजी बनी रहेगी। यह तेजी मुख्य रूप से निवेशकों के सुरक्षित निवेश की मांग और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में छूट की उम्मीद से जुड़ी है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की नजर मुख्य वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर होगी, जैसे कि प्रमुख देशों में महंगाई, जीडीपी वृद्धि, पीसीई इंडेक्स, पीएमआई और बेरोजगारी के आंकड़े।
चीन के आर्थिक आंकड़ें होंगे अहम
इनसे फेड की नीतियों के रुख को लेकर संकेत मिलेंगे। चीन के आर्थिक आंकड़े भी धातु बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाषण और सुप्रीम कोर्ट का व्यापार पर फैसला भी बाजार को प्रभावित कर सकता है। बता दें कि एमसीएक्स पर सोना पिछले सप्ताह 2.7% बढ़कर 143590 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
यह वृद्धि आंशिक रूप से डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये और ईरान की जियोपॉलिटिकल स्थिति से प्रेरित थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना यूएसडी 4595 प्रति औंस पर बंद हुआ, जबकि हफ्ते में यह यूएसडी 4650.50 तक भी पहुंचा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में सोना एमसीएक्स पर 146000 रुपये प्रति 10 ग्राम और वैश्विक बाजार में यूएसडी 4750 प्रति औंस तक जा सकता है।
तीन लाख रुपए के करीब पहुंची चांदी
चांदी ने भी पिछले सप्ताह जबरदस्त प्रदर्शन किया, एमसीएक्स पर यह 14% बढ़कर 292960 रुपये प्रति किलो तक पहुंची। वैश्विक स्तर पर चांदी का भाव यूएसडी 88.53 प्रति औंस पर बंद हुआ। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी के बाद चांदी में हल्का सुधार या समेकन हो सकता है, खासकर जब यह यूएसडी 100 प्रति औंस के करीब पहुंचे। विशेषज्ञों ने तो इस बात पर भी मुख्य रुप से जोर दिया है कि केंद्रीय बैंक सोने को रिजर्व में जोड़ रहे हैं, ईटीएफ में निवेश बढ़ रहा है और वैश्विक अस्थिरता के चलते सोना और चांदी दोनों निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने हुए हैं।

