नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने युवाओं को बताए सफलता के सूत्र
Admiral Dinesh K. Tripathi (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं में आत्म अनुशासन व टीमवर्क की भावना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और न ही यह रातोरात मिलती है। बल्कि इसके लिए कई वर्षों की तैयारी की जरूरत होती है। इसके लिए उन्होंने टेनिस के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर का उदाहरण दिया। साथ ही नैतिक साहस के मूल्य को समझाने के लिए 1971 के युद्ध में सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की बहादुरी और बलिदान को याद किया।
विकसित भारत का सपना साकार कर सकते हैं युवा
उन्होंने कहा कि अगर आप इस टीम भावना और युवा ऊर्जा को एकता तथा मकसद के साथ इस्तेमाल कर पाते हैं तो यह 2047 तक विकसित भारत बनने की कोशिश में एक प्रेरक शक्ति बन जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की आबादी में करीब 65 फीसदी युवा हैं और इसलिए उन्हें 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उस समय तक उनमें से ज्यादातर लोग 30 के दशक के आखिर या 40 की शुरूआत में होंगे। तो अगर मैं विकसित भारत बनने की इस प्रक्रिया को किसी फिल्म बनने जैसा देखूं तो इस सफर में आप इसके एक्टर, एक्ट्रेस, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर होंगे और कई बार इसके दर्शक भी होंगे।
सोशल मीडिया के प्रलोभन से बचें
एडमिरल त्रिपाठी ने युवाओं को सोशल मीडिया के प्रलोभन से बचने की हिदायत दी। आत्म-अनुशासन का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया सबसे बड़ा भटकाव है। मोबाइल फोन पर लगातार आने वाले नोटिफिकेशन अंतहीन ढंग से आपका ध्यान खींचते हैं। यहीं आपके चरित्र की परीक्षा होती है। ऐसा करना आसान नहीं है, लेकिन अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना सीखें। एक बार संकल्प कर लें तो खुद की भी न सुनें।

