ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ जताई नाराजगी
Donald Trump (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : डोनाल्ड ट्रंप को दूसरी बार अमेरिका का राष्ट्रपति बने एक साल पूरा हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति अपने इस एक साल के कार्यकाल को बेमिसाल और अदभुत बता रहे हैं लेकिन इस एक साल में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई ऐसे निर्णय लिए जब विश्व भर में उनकी आलोचना हुई। इतना ही नहीं अपने फैसलों की वजह से ट्रंप को उनके अपने ही देश में विरोध झेलना पड़ा है और उनके फैसलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है।
यही कारण है कि गत दिवस जब डोनाल्ड ट्रंप ने सरकार की पहली वर्षगांठ के मौके पर व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित कर रहे थे तो इस बीच देशभर में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। राजधानी वाशिंगटन डीसी में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई। इसी तरह के प्रदर्शन अमेरिका के अन्य हिस्सों में भी आयोजित किए जाने की योजना है।
पूरी दुनिया में मचाई उथल-पुथल
अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में ही ट्रंप के फैसलों ने पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा दी। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लोगों ने मोर्चा खोलते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। वाशिंगटन डीसी में एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि मौजूदा ट्रंप सरकार ने अमेरिका की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाया है और वर्षों में बनाई गई सद्भावना को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका ने खुद को एक अलग-थलग देश की स्थिति में ला खड़ा किया है। हमने जो सद्भावना बनाई थी, उसे खुद ही नष्ट कर दिया है।
टैरिफ को लेकर ट्रंप की आलोचना
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति और सहयोगी देशों से रिश्तों पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘टैरिफ एक बेहद खराब नीति है। इस सरकार ने पिछले लगभग आधी सदी से हमारे साथ खड़े रहे सहयोगियों से मुंह मोड़ लिया है और उनके साथ विश्वासघात किया है। हम अमेरिका को बड़े खतरे में डाल रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप को न तो अमेरिकी जनता की परवाह है और न ही दुनिया की।’
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