हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा चुनाव के दौरान की गई औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) की घोषणा अब धरातल पर उतरने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की पहली IMT को लेकर अंतिम मंजूरी दे दी है, जो अंबाला जिले में विकसित की जाएगी। इस फैसले के बाद अंबाला के औद्योगिक भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, IMT अंबाला के पहले चरण के लिए नग्गल गांव और उसके आसपास की करीब 858 एकड़ भूमि को चिन्हित कर लिया गया है। इस परियोजना के लिए भूमि देने वाले किसानों को प्रति एकड़ लगभग 1.55 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। सभी जरूरी औपचारिकताओं के पूरा होते ही इस बहुप्रतीक्षित परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। राज्य सरकार इस बात पर विशेष ध्यान दे रही है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह सहमति और पारदर्शिता के साथ हो।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चुनावी संकल्प पत्र के बाद अपने पहले बजट भाषण में अंबाला में 800 एकड़ भूमि पर IMT स्थापित करने की घोषणा की थी। यह बजट घोषणा होने के कारण मुख्यमंत्री स्वयं इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि नए बजट से पहले इस परियोजना से जुड़ी सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि निर्माण कार्य में कोई देरी न हो।
बीते दिनों मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंबाला के किसानों के साथ बैठक कर IMT को लेकर विस्तार से चर्चा की थी। इस बैठक में किसानों ने अपनी जमीन देने पर सहमति जताई थी। मुख्यमंत्री पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि अंबाला में बनने वाली IMT के लिए जल्द ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। IMT के स्थापित होने से न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि अंबाला की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
राज्य सरकार ने हरियाणा में कुल दस औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है। इनमें से दो IMT अंबाला जिले में प्रस्तावित हैं, जबकि एक IMT नारायणगढ़ में बनाई जाएगी। इसके अलावा फरीदाबाद-पलवल क्षेत्र में दो, तथा रेवाड़ी, जींद, भिवानी और कैथल में एक-एक IMT विकसित करने का प्रस्ताव है। सरकार फिलहाल पहले चरण में छह IMT पर फोकस कर रही है, जिनके लिए लगभग 35 हजार एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी।
सरकार का प्रयास है कि भूमि अधिग्रहण को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद न हो। इसी वजह से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों से पहले बातचीत की जा रही है और उनकी सहमति के बाद ही आगे के फैसले लिए जा रहे हैं। खास बात यह भी है कि प्रस्तावित दस IMT में से एक IMT जापानी निवेशकों के सहयोग से विकसित की जाएगी। जापान दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अंतरराष्ट्रीय निवेश को लेकर भी घोषणा की थी।

