हरियाणा की सड़कों पर दौड़ने वाले स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के सभी जिलों में सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए हरियाणा परिवहन विभाग और यातायात पुलिस संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाएंगे। यह अभियान आज से शुरू होकर 31 जनवरी तक जारी रहेगा।
परिवहन विभाग के अनुसार इस दौरान न केवल स्कूली बसों और वैन की सघन जांच की जाएगी, बल्कि स्कूल, कॉलेज, जिला और उपमंडल स्तर पर यातायात सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता न होने देना है।
जांच अभियान के दौरान सड़कों पर चल रहे ओवरलोड स्कूली वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य ओवरलोड मालवाहक वाहनों पर भी सख्ती बरती जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान काटे जाएंगे। परिवहन विभाग ने इसके लिए पहले से ही पूरा शेड्यूल तैयार कर लिया है।
परिवहन विभाग के मुताबिक स्कूल बसों और वैन में प्राथमिक चिकित्सा किट, अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार, मानक गुणवत्ता वाला स्पीड कंट्रोलर और पीने के पानी की सुविधा अनिवार्य होनी चाहिए। इसके अलावा सुरक्षा संबंधी निर्देश बस के अंदर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होने चाहिए और वाहन पर स्कूल का नाम व संपर्क नंबर लिखा होना जरूरी है। बसों में विश्वसनीय लॉकिंग सिस्टम होना भी नियमों में शामिल है।
स्कूल बसों और वैन में लगाए गए स्पीड कंट्रोलर की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। वहीं बस का बाहरी रंग हाईवे पीला होना चाहिए, जिसके चारों ओर 150 मिलीमीटर चौड़ी हरे रंग की पट्टी होनी चाहिए और वाहन के चारों तरफ ‘स्कूल बस’ स्पष्ट रूप से लिखा होना अनिवार्य है।
परिवहन विभाग ने बताया कि इस अभियान के तहत ट्रैफिक पुलिस 20 से अधिक मानकों पर जांच करेगी। इनमें बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र, सीसीटीवी कैमरे, लाइट, वाइपर, अग्निशमन यंत्र, बालक परिचालक की वर्दी और महिला-पुरुष हेल्पर की उपलब्धता जैसी चीजें शामिल हैं। पिछले वर्ष हरियाणा पुलिस ने 26,931 स्कूली वाहनों की जांच की थी, जिनमें से 5909 वाहनों के चालान काटे गए थे।
अभियान के दौरान पुलिस अनफिट वाहनों से होने वाले नुकसान के बारे में वाहन चालकों और स्कूल प्रबंधन को जागरूक भी करेगी। परिवहन आयुक्त अतुल कुमार ने हाल ही में ओवरलोड वाहनों पर काटे गए चालानों का जुर्माना समय पर जमा कराने के निर्देश भी दिए हैं।
परिवहन विभाग का कहना है कि यह अभियान बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही पर समय रहते कार्रवाई की जा सके और सड़क हादसों को रोका जा सके।

