Budget 2026: लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के मकसद से कई अहम उपायों की घोषणा की। अपने बजट भाषण के दौरान, उन्होंने बताया कि सरकारी नीतियों ने लगभग 7% आर्थिक विकास के लिए एक मजबूत नींव रखी है, साथ ही गरीबी कम करने में भी अहम भूमिका निभाई है।
वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को अब ग्लोबल बाजारों के साथ और गहरे जुड़ाव की ज़रूरत है। इसे हासिल करने के लिए, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़े सुधार किए गए हैं। बजट 2026 की सबसे बड़ी बातों में से एक टेक और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बड़ा बढ़ावा देना है, जिससे जल्द ही स्मार्टफोन और टैबलेट कंज्यूमर्स के लिए ज़्यादा किफायती हो सकते हैं।
स्मार्टफोन और टैबलेट सस्ते कैसे होंगे?
मेक इन इंडिया पहल को मजबूत करने के लिए, सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए कई इंसेंटिव की घोषणा की है। उम्मीद है कि इन उपायों से भारत में बनने वाले स्मार्टफोन और टैबलेट की प्रोडक्शन लागत कम होगी। जैसे-जैसे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी, कंपनियों द्वारा लागत का फायदा कंज्यूमर्स को दिए जाने की संभावना है, जिससे रिटेल कीमतें कम होंगी।
इसके अलावा, ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को भी भारत में अपना प्रोडक्शन बेस बढ़ाने से फायदा होगा। उम्मीद है कि इस कदम से न सिर्फ भारतीय कंज्यूमर्स को किफायती गैजेट मिलेंगे, बल्कि ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की भारत की महत्वाकांक्षा को भी गति मिलेगी।
लिथियम-आयन बैटरी कंपोनेंट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी में राहत
बजट 2026 में एक और बड़ी घोषणा लिथियम-आयन बैटरी में इस्तेमाल होने वाले कई कंपोनेंट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी में कमी है। चूंकि बैटरी स्मार्टफोन और टैबलेट के सबसे महंगे कंपोनेंट्स में से एक हैं, इसलिए इस राहत से कुल मैन्युफैक्चरिंग लागत में काफी कमी आ सकती है।
सस्ते बैटरी कंपोनेंट्स के साथ, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का प्रोडक्शन तेज़ और ज़्यादा लागत-कुशल होने की उम्मीद है। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इस कदम का सीधा असर कीमतों पर पड़ेगा, जिससे आने वाले समय में स्मार्टफोन, टैबलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ज़्यादा बजट-फ्रेंडली हो जाएंगे।
इसका कंज्यूमर्स के लिए क्या मतलब है
कम मैन्युफैक्चरिंग लागत से स्मार्टफोन और टैबलेट सस्ते हो सकते हैं।
बढ़ा हुआ घरेलू प्रोडक्शन मेक इन इंडिया को मजबूत करेगा।
भारत ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनने के करीब पहुंच रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तेज़ और ज़्यादा कुशल मैन्युफैक्चरिंग
कुल मिलाकर, बजट 2026 ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को एक मजबूत बढ़ावा दिया है, जिससे मैन्युफैक्चरर्स और कंज्यूमर्स दोनों के लिए फायदे की स्थिति बनी है। अगर इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो खरीदार आने वाले महीनों में ज़्यादा किफायती गैजेट की उम्मीद कर सकते हैं।
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