हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कुरुक्षेत्र जिले के गांव उमरी में आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुरु रविदास जी को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को उनकी जयंती की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जो अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवार पिछले 20 वर्षों से एक ही स्थान पर निवास कर रहे हैं, उन्हें मालिकाना हक देने के लिए सरकार विशेष नीति तैयार कर रही है। इस पॉलिसी के तहत ऐसे परिवारों को रियायत दी जाएगी, जिससे वे अपने घर और जमीन के कानूनी मालिक बन सकें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति कंपोनेंट प्लान के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग अब केवल अनुसूचित जाति समाज के कल्याण के लिए ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस फंड का पैसा किसी अन्य मद में खर्च न हो। इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में आवश्यक कानूनी प्रावधान लाकर इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
सीएम नायब सैनी ने उमरी गांव के लिए एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि यहां 5 एकड़ भूमि पर गुरु रविदास धाम का निर्माण किया जाएगा। इस भव्य परियोजना पर कुल 124 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 90 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गुरु रविदास धाम सामाजिक एकता, समरसता और संत रविदास जी के विचारों को आगे बढ़ाने का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, श्याम सिंह राणा और कृष्ण पंवार के अलावा विधायक रामकुमार कश्यप, भगवान दास कबीरपंथी, पवन खरखौदा, कृष्ण कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और सामाजिक नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में अनुसूचित समाज के प्रदेशाध्यक्ष सत्य प्रकाश, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, पूर्व मंत्री बनवारी लाल, कंवरपाल गुर्जर, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक घनश्यामदास अरोड़ा सहित अनेक वरिष्ठ नेता और सामाजिक प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

