यूक्रेन के निप्रो शहर में 12 नागरिकों की मौत, सात घायल
Russia-Ukraine War Update (द भारत ख़बर), कीव : रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अजीब दौर से गुजर रहा है। एक तरफ तो दोनों देश एक-दूसरे से शांति बहाली के लिए बातचीत कर रहे हैं। अमेरिका पिछले काफी समय से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। वहीं दोनों देश ही एक दूसरे पर घातक हमले भी कर रहे हैं।
पिछले दिनों जहां अमेरिका के कहने पर रूस ने हमले न करने की बात स्वीकार की थी और यूक्रेन के राष्टÑपति को शांति वार्ता के लिए एक सप्ताह के मॉस्को आमंत्रण दिया था वहीं एक बार फिर से रूस ने ड्रोन हमले में यूक्रेन के रिहायशी एरिया को निशाना बनाया है। रूस के इस हमले में यूक्रेन के शहर निप्रो में खदान कर्मियों को ले जा रही एक बस को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई। इस हमले में सात अन्य लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद आग भी लग गई थी, जिसे बाद में काबू कर लिया गया।
दो दिन बाद होनी है दोनों पक्षों में शांति वार्ता
यूक्रेन की आपात सेवाओं ने रविवार को यह जानकारी दी। गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब रूस और यूक्रेन बुधवार और गुरुवार को संघर्ष विराम पर अगले राउंड की बातचीत करेंगे। रूस के इस हमले को यूक्रेन पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी डीटीईके ने कहा कि यह बस उसकी थी। डीटीईके ने रूस पर निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में उसकी खदानों पर ‘बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमला’ करने का आरोप लगाया। निप्रो इस क्षेत्र की राजधानी है। कंपनी ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, हमलों में से एक का केंद्र कंपनी की वह बस थी, जो निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में एक शिफ्ट पूरी करने के बाद खदान कर्मियों को उद्यम से वापस ला रही थी।
यूक्रेन ठोस बातचीत के लिए तैयार
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि अगले दौर की शांति वार्ता बुधवार और गुरुवार को करेंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ठोस बातचीत के लिए तैयार है और हम उस परिणाम में रुचि रखते हैं जो युद्ध को वास्तविक और सम्मानजनक तरीके से समाप्त करने के करीब ले जाए। मॉस्को और कीव इस बात को लेकर गहरे मतभेद हैं कि समझौता कैसा होना चाहिए। मुख्य मुद्दा यह है कि रूस को यूक्रेन के उन इलाकों से सेना हटानी चाहिए या नहीं, जिन पर उसने कब्जा कर लिया है, खासकर पूर्वी औद्योगिक क्षेत्र डॉनबास से और क्या रूस को वहां नई जमीन मिलनी चाहिए जिस पर उसने अभी तक कब्जा नहीं किया।
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