कहा, हम हम रिफॉर्म एक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर हैं
Budget 2026-27 (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में जब बजट पेश किया तो पूरे देश की ही नहीं बल्कि दूसरे देशों की नजर भी भारत पर और वित्त मंत्री पर टिकी हुई थी। क्योंकि यह बजट न केवल देशवासियों के लिए महत्वपूर्ण था बल्कि मौजूदा वैश्विक व्यापार व्यवस्था और टैरिफ के दबाव पर जवाब देने का भी अवसर था।
इसी बीच देश की वित्त मंत्री ने एक बहुत ही संतुलित बजट पेश किया। इस दौरान वित्त मंत्री ने यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य को नई दिशा देने वाला बजट है। उन्होंने आगे कहा कि हम विकसित भारत की दिशा में अग्रसर हैं। हम रिफॉर्म एक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रसर हैं। वित्त मंत्री प्रेस वार्ता में कहा- यह बजट सबका साथ, सबका विकास के उद्देश्य के साथ पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि बजट में तकनीकी क्षेत्रों में विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
हम अर्थव्यवस्था को गति देने का मार्ग प्रशस्त कर रहे
यह 21वीं सदी की दूसरी तिमाही का पहला बजट है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम अर्थव्यवस्था को गति देने और उसे गति प्रदान करने के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं ताकि विकास की गति बनी रहे और सतत आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके। मुख्य रूप से, हम संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो जारी रहेगा। सुधार किए जा चुके हैं। हम सुधार गतिविधियों को जारी रख रहे हैं। इसका उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए पर्याप्त वातावरण तैयार करना है। 21वीं सदी पूरी तरह से प्रौद्योगिकी पर आधारित है। इसलिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रौद्योगिकी का लाभ आम आदमी को मिले…प्रति शहर प्रति वर्ष 1000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, और मुख्य जोर द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों पर होगा।’
विपक्ष के नेता किस सुधार की बात कर रहे
लोकसभा सांसद राहुल गांधी के केंद्रीय बजट की आलोचना वाले ट्वीट पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि वे किस सुधार की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था और उसके बुनियादी सिद्धांत मजबूत हैं। वैश्विक अनिश्चितता हमारे कई क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है, जिनके लिए हमने लघु एवं मध्यम उद्यमों, वस्त्र उद्योग, चमड़ा उद्योग, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों, किसानों, मूल्यवर्धन, महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता उद्यमियों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।

