दोनों देश आने वाले चार-पांच दिन में जारी कर सकते हैं सयुंक्त बयान, मार्च के मध्य तक दोनों देश कर सकते हैं हस्ताक्षर : गोयल
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत और अमेरिका के बीच होने जा रहे व्यापार समझौते पर बोलते हुए देश के उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देशों के बीच होने जा रहे इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यपार को बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करना है। गोयल ने यह भी बताया कि बीटीए का पहला चरण लगभग तैयार है और अगले चार-पांच दिनों में एक संयुक्त बयान जारी होने की उम्मीद है। इसके बाद मार्च के मध्य तक कानूनी समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बात करते हुए गोयल ने कहा कि फरवरी 2025 में औपचारिक रूप से प्रस्तावित इस समझौते का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करना है। इसके लिए दोनों देशों को निर्यात और सोर्सिंग दोनों मोर्चों पर प्रयास बढ़ाने होंगे।
अमेरिका जल्द नई टैरिफ दरें लागू करेगा
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि संयुक्त बयान के बाद अमेरिका की ओर से कार्यकारी आदेश के जरिए टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में टैरिफ कार्यकारी आदेश से तय होते हैं, जबकि भारत में एमएफएन (सबसे प्रिय राष्ट्र) टैरिफ में कटौती केवल कानूनी समझौते के बाद ही संभव है। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 से भारत समेत प्रमुख निर्यातक देशों पर सख्त टैरिफ लगाए थे, जिनके तहत भारत से अमेरिका जाने वाले कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लागू किया गया था। अब नेताओं के बीच हालिया बातचीत के बाद इन्हें घटाकर 18 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
विकसित भारत के लिए अमेरिकी सहयोग बहुत जरूरी
गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते बारे कहा है कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने और इस सपने को साकार करने के लिए भविष्य में हमारे लिए अमेरिका का सहयोग बहुत अहम होगा। हालांकि उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर भारत की ओर से अमेरिका में किसी निवेश की कोई प्रतिबद्धता नहीं की गई है।
इन क्षेत्रों में करना होगा आयात
उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ते भारत को आने वाले वर्षों में अमेरिका से बड़ी मात्रा में ऊर्जा, डेटा सेंटर उपकरण, आईसीटी उत्पाद और अन्य वस्तुओं की जरूरत होगी। गोयल ने कहा कि अमृतकाल के दौरान भारत की तेज आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ स्टील क्षमता मौजूदा 140 मिलियन टन से बढ़कर अगले कुछ वर्षों में करीब 300 मिलियन टन तक पहुंचने की योजना है। इसी तरह, ऊर्जा और डिजिटल अवसंरचना की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। उनके अनुसार, अगले पांच वर्षों में भारत अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर के सामान का आयात कर सकता है।
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