- 10वें भारत-मलेशिया सीइर्आ फोरम की रिपोर्ट पेश
PM Modi Malaysia Visit Updates, (द भारत ख़बर), कुआलालंपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे के दूसरे दिन आज दोनों देशों के बीच छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इन बड़े समझौतों में सुरक्षा सहयोग और द्विपक्षीय भुगतान लिंकेज जैसे क्षेत्र शामिल हैं, क्योंकि दोनों देशों ने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय यात्रा के दौरान उनकी अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ व्यापक चर्चा के बाद ये समझौते फाइनल किए गए। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम मोदी इस यात्रा ने मलेशिया और भारत के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित किया। दोनों नेताओं ने अपनी बातचीत के दौरान व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, रक्षा, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान व डिजिटल और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने आपसी हित के पारंपरिक और नए जमाने के दोनों क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का इरादा भी साझा किया।
द्विपक्षीय समझौतों और ज्ञापनों का आदान-प्रदान
यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों और ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया, जिसमें सुरक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना पहलों में भागीदारी, सेमीकंडक्टर विकास, स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा, आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार विरोधी प्रयास, आॅडियो-विजुअल सह-उत्पादन, व्यावसायिक शिक्षा और मलेशिया में भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति शुरू करने की भी घोषणा
विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी मलाया में एक समर्पित तिरुवल्लुवर केंद्र की स्थापना के साथ-साथ तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति शुरू करने की भी घोषणा की। मंत्रालय के अनुसार पीएम ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्राचीन तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं और दर्शन को बढ़ावा देना है, साथ ही भारत और मलेशिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों से लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना है।
पहला वाणिज्य दूतावास खोलने के फैसले की भी घोषणा
प्रधानमंत्री ने मलेशिया में अपना पहला वाणिज्य दूतावास खोलने के भारत के फैसले की भी घोषणा की, जिससे राजनयिक जुड़ाव बढ़ने, द्विपक्षीय संबंध मजबूत होने और देश में रहने वाले या यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को बेहतर सहायता मिलने की उम्मीद है। हस्ताक्षरित समझौतों में, साइबरजाया विश्वविद्यालय और आईटीआरए जामनगर के बीच सहयोग को एक प्रमुख विकास के रूप में उजागर किया गया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह साझेदारी पारंपरिक चिकित्सा पर ध्यान केंद्रित करेगी और आयुर्वेद में अनुसंधान और शैक्षणिक आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच समग्र स्वास्थ्य देखभाल प्रथाओं और ज्ञान साझाकरण तक पहुंच का विस्तार करने की उम्मीद है।
कुल कनेक्टिविटी व आर्थिक इंटीग्रेशन को बेहतर बनाने की कोशिश
कुल कनेक्टिविटी और आर्थिक इंटीग्रेशन को बेहतर बनाने की कोशिशों के तहत, नेशनल पेमेंट्स कॉपोर्रेशन आॅफ इंडिया की सब्सिडियरी, एनआईपीएल, और मलेशिया की पीओवाईनेट ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए इंटीग्रेशन सहित, द्विपक्षीय पेमेंट लिंक स्थापित करने के लिए सहयोग करने पर सहमति जताई है। इस पहल से बिजनेस करने में आसानी होने और दोनों देशों के बीच काम करने वाले टूरिस्ट, छात्रों और बिजनेस कम्युनिटी के लिए आसान, कम लागत वाले रेमिटेंस और पेमेंट सॉल्यूशन मिलने की उम्मीद है।
बिग कैट अलायंस में शामिल होगा मलेशिया
एक और महत्वपूर्ण डेवलपमेंट में, मलेशिया ने इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। यह पहल बड़ी बिल्ली प्रजातियों के ग्लोबल संरक्षण और बायोडायवर्सिटी की सुरक्षा के लिए है। इसके अलावा, यात्रा के दौरान दोनों नेताओं को 10वें भारत-मलेशिया सीइर्आ फोरम की रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट से भारत और मलेशिया के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस सहयोग को मजबूत करने और व्यापार और निवेश के अवसरों का विस्तार करने के लिए सुझाव और जानकारी मिलने की उम्मीद है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव और गहरा होगा।
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