दोनों पक्षों के बीच तनाव के बीच चल रहा वार्ता का भी दौर
US-Iran Conflict (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर जारी है। दोनों इस बात पर भी सहमत हैं कि बातचीत भविष्य में भी जारी रहेगी। लेकिन इसी बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी घेराबंदी मजबूत करते हुए एक और युद्धपोत ईरान की सीमा की तरफ रवाना कर दिया है।
ज्ञात रहे कि ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने एंट्री करते हुए विद्रोहियों को समर्थन दिया था। जिसके बाद ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिशें शुरू हो गई। हालांकि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने अभी तक न तो इस्तीफा देने के कोई संकेत दिए हैं और न ही वह अमेरिका के दबाव के सामने झुकने को तैयार हैं।
ईरान पर ट्रंप का यह बयान आया सामने
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि उन्होंने ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की कोशिशों के बीच मध्य पूर्व में दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हो पाता है तो इसकी जरूरत पड़ेगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने ये भी कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन ‘सबसे अच्छी बात होगी जो हो सकती है’, क्योंकि अमेरिकी प्रशासन तेहरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। इससे पहले दिन में उन्होंने इस बात की पुष्टि की थी कि वह ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए मध्य पूर्व में दूसरा विमानवाहक पोत समूह तैनात कर रहे हैं।
पिछले दिनों खामनेई ने यह अपील की थी
इस्लामिक क्रांति की 47वीं सालगिरह मनाने के लिए दो दिन पहले यानी 11 फरवरी को एक टीवी संदेश में खामनेई ने ईरान की ताकत, इज्जत और मिलकर किए गए पक्के इरादे का एक जबरदस्त प्रदर्शन बताया। उन्होंने सालाना सालगिरह के प्रदर्शनों को बेमिसाल बताया। वहीं इस्लामिक रिपब्लिक आॅफ ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने देश की सीमा पर किसी भी तरह के खतरे का अधिक बलपूर्वक और व्यापक जवाब देने की चेतावनी दी है। बयान के मुताबिक, ईरान किसी भी खतरे, षड्यंत्र व अतिक्रमण के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। वह किसी भी तरह के खतरों पर व्यापक प्रतिक्रिया देगा।
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