- एआई एक बदलाव लाने वाली ताकत, लेकिन इसके लिए सही दिशा की जरूरत
- इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की थीम- ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’
- डिजिटल कंटेंट पर भी होना चाहिए ‘आथेंटिसिटी लेबल’ : प्रधानमंत्री मोदी
- एआई को कुछ अरबपतियों की मर्जी पर भी नहीं छोड़ सकते : यूएन महासचिव
India AI Impact Summit-2026 Day 4, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे पांच दिवसीय ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ का आज चौथा दिन था और इस दौरान सम्मेलन में मौजूद लोगों को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, गूगल सीईओ सुंदर पिचाई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी सहित कई हस्तियों ने संबोधित किया। सुंदर पिचाई ने अपने भाषण में पर्सनल यात्रा का भी जिक्र किया और साथ ही भारत के डिजिटल भविष्य के लिए एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कमिटमेंट का खुलासा किया।
हमें एक बड़ा विजन रखना होगा : मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने समिट के दौरान अपने भाषण में एआई के आने की तुलना न्यूक्लियर पावर की खोज से की और दुनिया भर के लोगों से आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़ी जा रही विरासत पर विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा, हमें एक बड़ा विजन रखना होगा और उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी उठानी होगी। आज की पीढ़ी के साथ-साथ, हमें इस बात की भी चिंता करनी होगी कि हम आने वाली पीढ़ियों को एआई का कौन सा रूप सौंपेंगे। इसलिए, आज असली सवाल यह नहीं है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य में क्या कर सकता है।
हमने न्यूक्लियर पावर की तबाही भी देखी, योगदान भी देखा
सवाल यह है कि हम अभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्या करते हैं? ऐसे सवाल इंसानियत के सामने पहले भी आए हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण न्यूक्लियर पावर है। उन्होंने कहा, हमने इसकी तबाही देखी है और इसका पॉजिटिव योगदान भी देखा है। प्रधानमंत्री ने एआई को एक बदलाव लाने वाली ताकत बताया, जिसके लिए सही दिशा की जरूरत होती है ताकि यह रुकावट के बजाय समाधान का काम करे। उन्होंने कहा कि समिट की थीम- ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ (सबका भला, सबकी खुशी)- वह बेंचमार्क है जिससे भारत टेक्नोलॉजी को देखता है।
एआई को मशीन-सेंट्रिक से इंसान-सेंट्रिक कैसे बनाया जाए
प्रधानमंत्री ने कहा, एआई को मशीन-सेंट्रिक से इंसान-सेंट्रिक कैसे बनाया जाए, इसे सेंसिटिव और रिस्पॉन्सिव कैसे बनाया जाए, यही इस ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट का मूल मकसद है। इस समिट की थीम साफ तौर पर उस नजरिए को दिखाती है जिससे भारत एआई को देखता है। 16 से 20 फरवरी तक होने वाले एआई समिट का मकसद ग्लोबल चुनौतियों का सामना करने और शेयर्ड ग्रोथ के नए मौके पाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करना है। पांच दिवसीय सम्मेलन का गुरुवार को चौथा दिन था। यह शुक्रवार को संपन्न होगा। यह इवेंट तीन बुनियादी बातों, या सूत्रों पर आधारित है: लोग, ग्रह और तरक्की।
एआई को सभी के लिए डेमोक्रेटिक बनाने की जरूरत : मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया कि एआई का विकास मानवता के हित में होना चाहिए और इसे इस तरह विकसित किया जाए कि तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे, साथ ही पारदर्शिता, भरोसा और जिम्मेदारी भी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा, हमें एआई को खुली छूट देनी होगी, लेकिन साथ ही हमें इसकी बागडोर अपने हाथों में रखनी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा, हमें एआई का लोकतंत्रीकरण कर ये सुनिश्चित करना होगा कि मनुष्य केवल डेटा प्वाइंट या रॉ मैटेरियल न बन जाए। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि एआई से तभी लाभ हो सकता है जब इसे साझा किया जा सके, हमें एआई को एक वैश्विक साझा हित के रूप में विकसित करने का संकल्प लेना चाहिए।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से लाए जा सकते हैं तेजी से बदलाव
पीएम मोदी ने कहा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक ऐसी ताकत है, जिसकी मदद से तेजी से बदलाव लाए जा सकते हैं। हालांकि, यह ऐसी शक्ति है जो अगर अपने लक्ष्यों से भटक जाए तो विनाश भी हो सकता है। यदि इसका सही उपयोग किया जाए, तो यह समाधान प्रदान करती है। अगर हम मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानियत की क्षमता को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, सभी का कल्याण और खुशी ही एआई के लिए हमारा मानदंड है।
कुछ लोग डर देखते हैं, भारत एआई में भविष्य देखता है : पीएम
पीएम मोदी ने एआई समिट में टेक्नोलॉजी को लेकर उम्मीद का एक जबरदस्त मैसेज दिया। उन्होंने कहा, कुछ लोग एआई में डर देखते हैं, तो कुछ लोग भविष्य देखते हैं। लेकिन मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अपना भविष्य देखता है। पीएम ने टेक्नोलॉजी के प्रति देश के प्रोएक्टिव और आशावादी रुख पर जोर दिया। उन्होंने कहा, एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा, यह इंसानी काबिलियत को कई गुना बढ़ा रहा है।
बस एक ही फर्क है, इस बार स्पीड बहुत ज्यादा है और स्केल भी उम्मीद से ज्यादा है। पहले, टेक्नोलॉजी का असर दिखने में दशकों लग जाते थे। आज, मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज, गहरा और बड़ा है। पीएम मोदी ने एआई के सुरक्षित इस्तेमाल का नया फॉमूर्ला दिया। उन्होंने कहा कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ‘आॅथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए ताकि फर्क पता चल सके।
मुट्ठी भर देश तय नहीं कर सकते एआई का भविष्य : गुटेरेस
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि एआई में सबको साथ लेकर चलने, असमानता कम करने, लगभग 80 प्रशितत सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को तेजी से पूरा करने और यूनाइटेड नेशंस सिस्टम के काम को मजबूत करने में यूएन को सपोर्ट करने की काफी क्षमता है। यूएन ने अपने काम में अंदरूनी तौर पर एआई को अपनाने के लिए एक प्रोएक्टिव, एथिकल, ह्यूमन राइट्स-बेस्ड और मैंडेट-लेड अप्रोच अपनाने का भी वादा किया है। एंटोनियो गुटेरेस ने बताया कि किस तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठी भर देशों द्वारा एआई का भविष्य तय नहीं किया जाना चाहिए या कुछ अरबपतियों का इस पर कंट्रोल नहीं होना चाहिए।
एआई तेजी से समाज, अर्थव्यवस्था को बदल रहा : यूएन महासचिव
यूएन महासचिव ने जोर देकर कहा कि एआई तेजी से समाज और अर्थव्यवस्था को बदल रहा है और इसका गवर्नेंस स्ट्रक्चर सबको साथ लेकर चलने वाला व दुनिया भर में लोगों को दिखाने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा, इस सम्मेलन का मैसेज आसान है। असली असर का मतलब है ऐसी टेक्नोलॉजी जो जिंदगी को बेहतर बनाए और धरती की रक्षा करे। उन्होंने आह्वान किया, तो चलिए, सबके लिए डिग्निटी के साथ डिफॉल्ट सेटिंग के तौर पर एआई बनाते हैं।
इंडिया ने कुछ ऐसा बनाया जो किसी और देश ने नहीं बनाया : मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एआई समिट को संबोधित करते हुए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को डेमोक्रेटाइज करने में अहम भूमिका निभाने के लिए भारत की तारीफ की। उन्होंने कहा, दस साल पहले, दुनिया ने भारत से कहा था कि 1.4 बिलियन लोगों को डिजिटल इकोनॉमी में नहीं लाया जा सकता। भारत ने उन्हें गलत साबित कर दिया। मैक्रों ने कहा, 10 वर्ष पहले, मुंबई में एक रेहड़ी वाला बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था, लेकिन आज वह आनलाइन पेमेंट ले सकता है। कोई पता नहीं, कोई कागज नहीं, कोई एक्सेस नहीं और आज वही वेंडर अपने फोन पर पेमेंट लेता है।
मैक्रों ने भारत द्वारा टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की तारीफ की
मैक्रों ने कहा, इंडिया ने कुछ ऐसा बनाया है जो किसी और देश ने नहीं बनाया, 1.4 बिलियन लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान। एक पेमेंट सिस्टम जो अब हर महीने 20 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है। फ्रांस के प्रेसिडेंट ने कहा, एआई हमारी इंसानियत को तेजी से इनोवेट करने, इंसानियत की भलाई के लिए हेल्थकेयर, एनर्जी, मोबिलिटी, एग्रीकल्चर और पब्लिक सर्विसेज में बदलाव लाने में मदद करेगा। हम इस क्रांति में विश्वास करते हैं। मैक्रों ने नागरिकों की भलाई पक्का करने के लिए भारत द्वारा टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की तारीफ की और कहा कि एआई का भविष्य उन लोगों के लिए होगा जो टेक्नोलॉजी को इंसानियत के साथ जोड़ेंगे।
भारत में बदलाव की रफ़्तार देखकर हैरान रह जाता हूं : पिचाई
गूगल सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी और जाने-माने नेताओं, भारत वापस आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हर बार जब मैं आता हूं, तो बदलाव की रफ़्तार देखकर हैरान रह जाता हुं और आज भी कुछ अलग नहीं है। उन्होंने कहा, जब मैं स्टूडेंट था, तो अक्सर चेन्नई से आईआईटी खड़गपुर तक कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन लेता था। वहां जाने के लिए, हम विशाखापत्तनम से गुजरते थे। पिचाई ने कहा, मुझे याद है कि यह एक शांत और मामूली तटीय शहर था जो संभावनाओं से भरा हुआ था। गूगल सीईओ ने इस पर्सनल किस्से का इस्तेमाल उसी शहर के लिए गूगल के बड़े प्लान के साथ तुलना करने के लिए किया, जो अब टेक जायंट की ग्लोबल एआई स्ट्रैटेजी के सेंटर में है।
गूगल एक फुल-स्टैक एआई हब बना रहा
गूगल सीईओ ने कहा, अब उसी शहर में, गूगल एक फुल-स्टैक एआई हब बना रहा है, जो भारत में हमारे अमेरिकी डॉलर 15 बिलियन के इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट का हिस्सा है। पूरा होने पर, इस हब में गीगावाट-स्केल कंप्यूट और एक नया इंटरनेशनल सबसी केबल गेटवे होगा, जो पूरे भारत में लोगों और बिजनेस को नौकरियां और लेटेस्ट एआई देगा। यह बड़ी घोषणा भारत में गूगल की मौजूदगी में बड़े विस्तार को दिखाती है, जिससे विशाखापत्तनम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए एक ग्लोबल नोड बन जाएगा। हब से उम्मीद है कि यह अगली पीढ़ी की एआई सेवाओं को पावर देने के लिए जरूरी बुनियादी फुल-स्टैक इंफ्रास्ट्रक्चर देगा, जिससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में भारत की एक अहम खिलाड़ी के तौर पर स्थिति मजबूत होगी।
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