ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जताई नाराजगी कहा, ऐसी उम्मीद नहीं थी
US Tariff Illegal (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : करीब एक साल से दुनिया भर के दर्जनों देशों के खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे टैरिफ को अमेरिका के ही सुप्रीम कोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया है। ज्ञात रहे कि अमेरिकी राष्टÑपति ने टैरिफ का खौफ दिखाते हुए दुनिया को पिछले साल आर्थिक मंदी के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया था। इसके बाद इसके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया और अब यह केस अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। हालांकि अमेरिकी राष्टÑपति ने सुप्रीमकोर्ट में पिछले दिनों अपना पक्ष रखते हुए इसे अमेरिका की आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी बताया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इसलिए अवैध घोषत किया
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को नहीं, सिर्फ संसद को है। यह बहुत निराशाजनक है। मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है। ट्रम्प ने कहा कि जज कट्टर वामपंथियों के पालतू हैं। वे देशभक्ति नहीं दिखा रहे हैं और संविधान के प्रति वफादार भी नहीं हैं। जज कुछ लोगों से डरते हैं इसलिए सही फैसला लेना नहीं चाहते।
ट्रंप ने की फैसले की आलोचना
ट्रम्प ने इस फैसले को बहुत निराशाजनक बताया और कहा, मुझे अदालत के कुछ लोगों पर शर्म आती है। बिल्कुल शर्म आती है कि उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है।उन्होंने उन तीन कंजरवेटिव जजों की तारीफ की, जिन्होंने इस फैसले से असहमति जताई थी। जिन जजों ने टैरिफ को रद्द किया, उनकी आलोचना करते हुए टंÑप ने कहा कि वे हर उस चीज के खिलाफ हैं जो अमेरिका को मजबूत और फिर से महान बनाती है। वे हमारे देश के लिए शर्म की बात हैं। वे हर बार ना कहने वाले जज हैं।
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