Parliament, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: विपक्षी सांसदों ने बुधवार को एलपीजी सप्लाई के मुद्दे पर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग को शुरू हुए चौथा सप्ताह चल रहा है, जिसके कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक मार्ग बाधित होने से भारत समेत दुनियाभर में तेल व एलपीजी की आपूर्ति बाधित हुई है।
28 फरवरी को ईरान पर हमलों के बाद बढ़ा संकट
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले किए थे जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई व उनके परिवार की मौत हो गई है। जवाब में, ईरान ने कई खाड़ी देशों में इजराइली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे जलमार्ग में बाधाएं आईं और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर भी असर पड़ा।
जल्द से जल्द हो समस्या का हल : सांसद सौगत रॉय
प्रदर्शन में शामिल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने कहा, सरकार ने एलपीजी संकट से ठीक से नहीं निपटा और देश में लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि एलपीजी की समस्या का जल्द से जल्द हल हो। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, भाजपा झूठ बोल रही है कि सब कुछ ठीक है। गांव हो या शहर, नवरात्रि और ईद के महीने में हर जगह एलपीजी की कमी साफ दिख रही थी।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, अगर प्रधानमंत्री मौजूद रहते हैं, तो हम अपने सुझाव पेश करेंगे, हमारे पास देने के लिए बहुत सारे सुझाव हैं। सबसे पहले और सबसे जरूरी बात यह है कि मौजूदा वैश्विक संकट में भारत की क्या भूमिका है? यहां तक कि पाकिस्तान जैसे देश ने भी आज एक स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा A कि वे मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं और ट्रंप ने इसका स्वागत किया।
जग वसंत व पाइन गैस ने पार किया है होर्मुज
एक दिन पहले, 2 भारतीय एलपीजी वाहक जहाज—जग वसंत व पाइन गैस—ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक गुजरकर ऊर्जा परिवहन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की थी। यह जहाज, जिनमें 92,612.59 MT LPG का भारी-भरकम कार्गो लदा था, विजुअल्स में तब दिखे जब ‘पाइन गैस’ एलपीजी कैरियर ने उस अहम समुद्री रास्ते को पार किया।
33 और 27 भारतीय नाविक सवार
जग वसंत व पाइन गैस जहाजों पर क्रमश: 33 और 27 भारतीय नाविक सवार हैं, जो इस इलाके से गुजरने की प्रक्रिया को संभाल रहे हैं। इस रास्ते को सफलतापूर्वक पार करने के बाद, अब ये जहाज भारत की ओर बढ़ रहे हैं ताकि देश में ऊर्जा की सप्लाई को मजबूत किया जा सके। इन कैरियरों के 26 से 28 मार्च के बीच भारत के बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है, जिसके साथ ही खाड़ी क्षेत्र से उनकी यात्रा पूरी हो जाएगी।
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