चारों तरफ दिख रहा भारी तबाही का मंजर, बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा
US-Iran War News (द भारत ख़बर), तेहरान : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं। सोमवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित इस्लामशहर के पास एक रिहायशी इमारत पर हुए हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। हमला इतना घातक था कि इमारत कुछ ही मिनट में मलबे में तबदील हो गई। ईरानी मीडिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इससे पहले अमेरिका द्वारा इतने खतरनाक हमले कम ही हुए हैं। बताया जा रहा है कि मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है इससे मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।
स्थानीय समाचार एजेंसियों ने बताया कि हमले के बाद इलाके में भारी तबाही का मंजर है और राहत व बचाव कार्य जारी है। वहीं अमेरिका ने इसी दौरान तेहरान स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी आॅफ टेक्नोलॉजी को भी निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार, हमले में विश्वविद्यालय की कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा, साथ ही पास स्थित गैस वितरण केंद्र भी प्रभावित हुआ। हालांकि, विश्वविद्यालय परिसर के भीतर असल लक्ष्य क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह धमकी दी है
ज्ञात रहे कि रविवार को अमेरिकी राष्टÑपति ने ईरान को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा था कि उसके पास 48 घंटे का समय है। इस दौरान वह हॉर्मूज स्ट्रेट को छोड़ दे और अमेरिका की बात मान ले नहीं तो मंगलवार रात से उसके खिलाफ इतने भयानक हमले किए जाएंगे जो अभी तक नहीं हुए। इसी बीच ईरान ने अमेरिका की चेतावनी का जवाब देते हुए कहा है कि वह झुकने को तैयार नहीं है और अन्य समुद्री मार्ग भी जल्द बंद कर देगा।
पश्चिम एशिया स्थिति पर भारत की नजर
वहीं भारत लगातार पश्चित एशिया में बढ़ते तनाव और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। रविवार को कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के नेताओं से बातचीत की। उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी, यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और ईरान के विदेश मंत्री से अलग-अलग चर्चा की। इन वातार्ओं में नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसके प्रभाव पर बात की।
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