Uttrakhand, (द भारत ख़बर), देहरादून: लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) का मंगलवार को निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक खंडूरी बीते लगभग 50 दिन से देहरादून के मैक्स सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती थे। आज सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
निधन अपूरणीय क्षति : सीएम धामी
प्रदेश के चौथे सीएम रहे खंडूरी के निधन से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके निधन पर गहरा शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा, जनरल जनरल खंडूरी भारतीय सेना में रहे और उन्होंने हमेशा अनुशासन, राष्ट्र सेवा व समर्पण की अद्वितीय मिसाल पेश की। उनका निधन उत्तराखंड के साथ ही राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।
ईमानदार कार्यशैली से मजबूत पहचान बनाई
सीएम धामी ने कहा, सार्वजनिक जीवन में भी खंडूरी ने अपनी ईमानदार कार्यशैली से मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने राज्य के में कई अहम फैसले लेकर विकास को नई राह दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूरी साहब की स्पष्टवादिता और सादगी तथा कार्यकुशलता हमेशा प्रेरणादायक रहेगी।
खंडूरी को राजनीति में वाजपेयी लाए
बीसी खंडूरी को 1990 के दौर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति में लाए थे। उनकी गिनती वाजपेयी के भरोसेमंदों में होती थी। पहली बार सांसद पहुंचने के 2 वर्ष के भीतर ही खंडूरी को पार्टी का मुख्य सचेतक बना दिया गया। पूर्व सीएम 1996 का लोकसभा चुनाव हार गए थे।
1999 में सड़क परिवहन मंत्री बने
वाजपेयी सरकार में 1999 में खंडूरी को सड़क परिवहन मंत्री बनाया गया। वाजपेयी को खंडूरी पर पूरा भरोसा था। यही वजह थी कि वाजपेयी ने उन्हें काम करने की पूरी आजादी दी थी। देश में सड़कों की शक्ल बदलने व हाईवे बनवाने के लिए खंडूरी की आज भी प्रशंसा होती है।
यह भी पढ़ें : West Asia Tension: ईरान ने ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या करने पर रखा 500 करोड़ का ईनाम

