Sandeep Mistry Back to India: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े हजारों करोड़ के धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों के एक आरोपी संदीप मिस्त्री को UAE से भारत लाया गया है। मिस्त्री को UAE से डिपोर्ट किए जाने के बाद 28 सितंबर की रात मुंबई लाया गया, जहां CBI की मुंबई स्थित बैंकिंग सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड्स ब्रांच (BSFB) ने उन्हें हिरासत में लिया। मिस्त्री लंबे समय से इस मामले में जांच एजेंसी की तलाश में था। जनवरी 2026 में CBI ने मुंबई की विशेष अदालत में उसे फरार आरोपी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी।
नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों में भूमिका
संदीप मिस्त्री का नाम नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों के मामले में पहले से सामने आता रहा है। CBI के अनुसार वह हांगकांग स्थित नीरव मोदी से जुड़ी एक कंपनी का निदेशक रहा है। जांच एजेंसी की चार्जशीट में उस पर ऐसी कंपनियों और लेन-देन से जुड़े रहने के आरोप हैं, जिनका इस्तेमाल PNB धोखाधड़ी से जुड़े फंड के लेन-देन में किया गया था। मिस्त्री का नाम उन लोगों में शामिल है, जिन पर धोखाधड़ी की साजिश और जांच को प्रभावित करने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
डमी कंपनियों और लेन-देन से जुड़े आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि नीरव मोदी से जुड़ी कई विदेशी कंपनियों का इस्तेमाल कारोबारी लेन-देन और धन के आवागमन के लिए किया जाता था। CBI की जांच में मिस्त्री की भूमिका भी ऐसी कंपनियों से जुड़े कामकाज में बताई गई है। CBI के मुताबिक मिस्त्री और एक अन्य आरोपी मिहिर भंसाली पर दुबई में नीरव मोदी समूह से जुड़ी कंपनियों के नामित निदेशकों पर दबाव बनाने और जांच शुरू होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को नष्ट करने से जुड़े आरोप थे।
CBI ने की थी फरार घोषित करने की मांग
जनवरी 2026 में CBI ने मुंबई की विशेष अदालत में संदीप मिस्त्री और मिहिर भंसाली को फरार आरोपी घोषित करने की मांग की थी। CBI ने कहा था कि दोनों लंबे समय से जांच और न्यायिक प्रक्रिया से बाहर थे। इसके बाद मिस्त्री के खिलाफ विदेश में उनकी मौजूदगी का पता लगाने और उसे भारत वापस लाने के प्रयास जारी रहे। UAE में उसे ट्रेस किए जाने के बाद भारतीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर उसे भारत भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। मुंबई पहुंचने के बाद CBI टीम ने संदीप मिस्त्री को हिरासत में लिया। उसे विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां जांच एजेंसी ने मामले में आगे की पूछताछ के लिए कार्रवाई की।

