Supreme Court Metro Row: दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी है। DMRC ने अपने हलफनामे में सफाई देते हुए कहा कि उस दिन पूरी मेट्रो सेवा बंद नहीं की गई थी। निगम के मुताबिक कुल 303 स्टेशनों में से 45 पर प्रवेश और निकास प्रतिबंधित था, जबकि बाकी 258 स्टेशन यात्रियों के लिए खुले रहे।
यह मामला 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों से जुड़ा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 9 अक्टूबर को सार्वजनिक परिवहन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देशों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। इसके बाद DMRC ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए परिचालन से जुड़े आंकड़े पेश किए।
DMRC ने दाखिल किया माफीनामा
DMRC की चेयरपर्सन डी. तारा ने निगम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी है। 14 अक्टूबर को दाखिल हलफनामे में निगम ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का पूरा सम्मान करता है। साथ ही DMRC ने यह भी दलील दी कि अदालत ने पहले उसका पक्ष सुने बिना आदेश पारित किया था। इसके बावजूद निगम ने अपने जवाब में माफी मांगते हुए अदालत से अवमानना की कार्यवाही में जारी नोटिस को समाप्त करने का अनुरोध किया है।
10 अक्टूबर को कितनी मेट्रो ट्रेनें चलीं?
DMRC ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 10 अक्टूबर को शनिवार के निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार मेट्रो सेवाएं संचालित की गई थीं। निगम के अनुसार उस दिन 271 ट्रेनें परिचालन में लगाई गईं और पूरे नेटवर्क में कुल 4,157 ट्रेन ट्रिप पूरी की गईं। DMRC का कहना है कि ट्रेन ट्रिप की संख्या में कोई कटौती नहीं की गई थी और न ही निर्धारित सेवाओं को रद्द किया गया था। हालांकि, कुछ स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगाए गए थे।
45 मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए थे प्रतिबंध
DMRC के हलफनामे के मुताबिक दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में कुल 303 स्टेशन हैं। दिल्ली पुलिस के निर्देशों के बाद पहले 57 स्टेशनों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में यह संख्या घटाकर 45 कर दी गई। 10 अक्टूबर को इन 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास के गेट बंद रखे गए थे। शेष 258 स्टेशन यात्रियों के लिए खुले रहे। निगम ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध पूरे मेट्रो नेटवर्क पर नहीं था, बल्कि चुनिंदा स्टेशनों के प्रवेश और निकास तक सीमित था। DMRC के मुताबिक राजीव चौक, कश्मीरी गेट, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और हौज खास समेत 14 स्टेशनों पर इंटरचेंज यानी मेट्रो लाइन बदलने की सुविधा जारी रही। प्रतिबंध 10 अक्टूबर की रात 10 बजे हटा लिए गए थे, जिसके बाद सभी स्टेशन सामान्य यात्रियों के लिए खोल दिए गए।

