गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम में बिल्डर कॉलोनियों में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चल रही तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल दो सप्ताह के लिए रोक लगा दी है. गौरव कोहली बनाम हरियाणा सरकार मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह निर्देश दिए. नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की ओर से DLF, सुशांत लोक और साउथ सिटी में अब तक करीब 160 मकानों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी.
नगर और ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई अमित मधोलिया ने डीएलएफ, सुशांत लोक, साउथ सिटी में अब तक करीब 160 मकानों के खिलाफ कार्रवाई की है. ऐसे में
बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. गौरव कोहली बनाम हरियाणा सरकार मामले की सुनवाई के दौरान बिल्डर कॉलोनियों में कार्रवाई से जुड़े मुद्दे पर दलीलें दी गई. याचिका में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जो नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकार क्षेत्र से जुड़ी है.
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह तक तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कहा कि अगली सुनवाई पर मामले की सुनवाई कर एसएलपी का निपटारा किया जाएगा. अब तीन नवंबर को होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी.
पिछले दिनों डीटीपीई कार्यालय ने सर्वे में पाया था कि
सुशांत लोक एक के ए, बी और सी ब्लॉक में 100 मकान, आरडी सिटी में 15 मकान, ग्रीनवुड सिटी में 17, साउथ सिटी में 30 मकानों में गेस्ट हाउस, पीजी, ब्यूटी पार्लर, जिम, प्रॉपर्टी डीलर का कार्यालय आदि का संचालन किया जा रहा है. वहीं, सुशांत लोक एक के ए ब्लॉक में 86, बी ब्लॉक में 149, आरडी सिटी में 71, साउथ सिटी एक में 46, ग्रीनवुड सिटी मे 29, विपुल वर्ल्ड में 145 मकानों में कब्जा प्रमाण पत्र और बिल्डिंग प्लान का उल्लंघन हुआ है.
688 मकानों को दिया गया नोटिस
गौरतलब है कि गुरुग्राम शहर की पांच कॉलोनियों में 688 मकानों को सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने कारण बताओ नोटिस दिया था. एक सप्ताह में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी.