Trump Big Move on Russia Oil Tariffs: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने के प्रावधानों को फिलहाल लागू नहीं करने का फैसला किया है। इससे भारत और चीन जैसे बड़े खरीदारों को अमेरिकी कार्रवाई से राहत मिली है। ट्रंप ने 16 अक्टूबर को जारी कार्यकारी आदेश में राष्ट्रीय हितों का हवाला देते हुए नए कानून के तहत प्रस्तावित टैरिफ से छूट दी। हालांकि यह फैसला रूस पर लागू सभी अमेरिकी प्रतिबंधों को खत्म करने के बराबर नहीं है।
यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है, क्योंकि अमेरिका ने रूस के ऊर्जा कारोबार से होने वाली कमाई को सीमित करने और यूक्रेन युद्ध के लिए मॉस्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से नए प्रावधान तैयार किए थे। अब ट्रंप के ताजा आदेश से इन प्रावधानों के तहत भारत समेत संबंधित देशों के अमेरिकी निर्यात पर लगने वाले अतिरिक्त टैरिफ का खतरा फिलहाल टल गया है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन रूसी तेल और गैस की खरीद पर नजर बनाए रखेगा।
ट्रंप ने रूसी तेल पर टैरिफ से छूट क्यों दी?
व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप ने 16 अक्टूबर को रूसी प्रतिबंध वाले कानून के कुछ प्रावधानों के क्रियान्वयन से छूट देने का आदेश जारी किया। इस कानून पर उन्होंने 18 सितंबर को हस्ताक्षर किए थे। आदेश में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कांग्रेस को प्रमाणित किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में इन टैरिफ और संबंधित उपायों से छूट देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। कानून में राष्ट्रपति को निर्धारित शर्तों के तहत ऐसे उपायों से छूट देने का अधिकार दिया गया है।
इस फैसले के पीछे ऊर्जा बाजार और रूस से जुड़े अमेरिकी रणनीतिक हित भी महत्वपूर्ण हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों और रूस से ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बीच ट्रंप प्रशासन पर आर्थिक दबाव को लेकर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में टैरिफ से छूट देने का फैसला अमेरिका की ऊर्जा जरूरतों और रूस पर दबाव बनाने की नीति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
भारत पर 100% टैरिफ का खतरा कैसे टला?
नए कानून के तहत अमेरिका को रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले पांच सबसे बड़े देशों से आने वाले सामान पर 100% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया था। यह प्रावधान उन देशों को प्रभावित कर सकता था, जो रूसी ऊर्जा की खरीद जारी रखते। इसके अलावा रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले पांच प्रमुख देशों या पक्षों के खिलाफ भी टैरिफ लगाने की व्यवस्था की गई थी। भारत रूसी कच्चे तेल का एक प्रमुख खरीदार रहा है। ऐसे में प्रस्तावित टैरिफ से भारतीय सामान के अमेरिकी बाजार में महंगा होने और निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति प्रभावित होने का जोखिम था।
ट्रंप के नए आदेश ने कानून की संबंधित टैरिफ व्यवस्थाओं से फिलहाल छूट दे दी है। इसका मतलब है कि इस कानून के तहत प्रस्तावित 100% अतिरिक्त टैरिफ अभी लागू नहीं होंगे। हालांकि, इससे भारत के अमेरिका को होने वाले सभी निर्यात पर लागू दूसरे शुल्क अपने आप समाप्त नहीं हो जाते। इस राहत को केवल संबंधित कानून के टैरिफ प्रावधानों के संदर्भ में समझना जरूरी है।

