Punjab News: पंजाब में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी पर लगाम लगाने के लिए, राज्य सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष शक्तियां देने का फैसला किया है। गृह विभाग द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के जरिए, पुलिस कमिश्नरों और पुलिस रेंज के प्रभारी अधिकारियों को उनके संबंधित अधिकार क्षेत्रों में विशेष शक्तियां दी गई हैं।
इसके अलावा, 6 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उन पुलिस कमिश्नरेट, रेंज और मुख्यालय इकाइयों में इन शक्तियों का इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत किया गया है, जहां फिलहाल इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) रैंक का कोई अधिकारी तैनात नहीं है। सरकार ने यह कदम नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने से जुड़े कानून के तहत उठाया है।
यह नोटिफिकेशन सरकार द्वारा ‘प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1988’ (PIT-NDPS एक्ट) की धारा 3 की उप-धारा (1) के तहत जारी किया गया है। इस नोटिफिकेशन को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है, जिसके जरिए संबंधित अधिकारियों को इस कानून के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए विशेष रूप से अधिकृत किया गया है।
नोटिफिकेशन में जिन 6 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अधिकृत किया गया है, उनमें स्पेशल DGP (ट्रैफिक) ए.एस. राय, ADGP गौतम चीमा, ADGP (इंटरनल सिक्योरिटी) शिव वर्मा, ADGP (सिक्योरिटी) कौस्तुभ शर्मा, ADGP (इंटरनल विजिलेंस सेल) नौनिहाल सिंह और IGP (प्रोविजनिंग) एस. भूपति शामिल हैं। इन अधिकारियों को उन पुलिस कमिश्नरेट, पुलिस रेंज और मुख्यालय इकाइयों के लिए अधिकृत किया गया है, जहां अभी IGP रैंक का कोई अधिकारी तैनात नहीं है। इन अधिकारियों में से प्रत्येक का अधिकार क्षेत्र पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) द्वारा प्रशासनिक रूप से तय किया जाएगा।
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नोटिफिकेशन के अनुसार, पुलिस रेंज के प्रभारी IGP या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को भी अपने संबंधित अधिकार क्षेत्रों में इन शक्तियों का इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत किया जाएगा। इस तरह, सरकार ने उन अधिकारियों की भूमिकाओं को स्पष्ट करने की व्यवस्था की है, जो विभिन्न पुलिस इकाइयों में कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हैं। पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या लंबे समय से कानून-व्यवस्था और जनस्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को खत्म करना, इनकी सप्लाई चेन को तोड़ना और इस अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस संदर्भ में, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष शक्तियां देने के फैसले को नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद नशीले पदार्थों की तस्करी और इससे जुड़े अपराधों का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। परविंदर सिंह झोटा ने नशीले पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके चलते, राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।
