Close Menu
    What's Hot

    दिल्ली में हाई अलर्ट, पुलिस ने 10 आतंकियों के पोस्टर चस्पा किए

    January 21, 2026

    एक दिन में निवेशकों को नौ लाख करोड़ का नुकसान

    January 21, 2026

    गिल के बाद अब सूर्य की ‘अग्नि परीक्षा’

    January 21, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • Privacy Policy
    • About Us
    • Contact Us
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    • होम
    • बड़ी ख़बर

      अध्यक्ष बनते ही एक्शन में आए नितिन नवीन

      January 21, 2026

      अध्यक्ष बनते ही एक्शन में आए नितिन नवीन

      January 21, 2026

      Rahul Gandhi: पीएम मोदी देश का धन अंबानी-अडाणी को देना चाह रहे, गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं: राहुल गांधी

      January 20, 2026

      BMC Mayor: कार्यकर्ताओं की इच्छा, बाल ठाकरे जन्मशती पर शिवसैनिक मेयर बने: एकनाथ शिंदे

      January 20, 2026

      प्रयागराज मेला प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद से शंकराचार्य होने का सबूत मांगा

      January 20, 2026
    • दुनिया
    • भारत
    • राजनीति
    • राज्य
    • खेल
    • टेक
    • मनोरंजन
    Wednesday, January 21
    SUBSCRIBE
    Latest Hindi News, Delhi News (दिल्ली न्यूज),  aaj ki taaja khabar, Today Breaking News, Trending
    Home»Breaking News»भारत में सिविक सेंस का भयंकर अभाव : कारण और महत्व, क्या है इलाज ?
    Breaking News

    भारत में सिविक सेंस का भयंकर अभाव : कारण और महत्व, क्या है इलाज ?

    परवेश चौहानBy परवेश चौहानJuly 4, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    दिल्ली : भारत अपनी समृद्ध संस्कृति और विविधता के लिए जाना जाता है, लेकिन अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर सिविक सेंस (नागरिक चेतना) की कमी चर्चा का विषय बनती है। सड़कों पर कचरा फेंकना, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना—ये कुछ उदाहरण हैं जो इस समस्या को दर्शाते हैं। लेकिन सिविक सेंस क्या है, और भारत में इसका अभाव क्यों है? आइए इस पर विस्तार से चर्चा करते हैं।

    सिविक सेंस क्या है?

    सिविक सेंस एक सामाजिक जागरूकता और व्यवहार है, जो व्यक्ति को अपने आसपास के समुदाय और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाता है। यह सार्वजनिक स्थानों—जैसे सड़कें, पार्क, और परिवहन—का सम्मान करने, नियमों का पालन करने, और दूसरों के अधिकारों का ध्यान रखने की भावना है। उदाहरण के लिए, कचरे को कूड़ेदान में फेंकना, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना, और शोर-शराबे से बचना सिविक सेंस के हिस्से हैं। यह न केवल व्यक्तिगत अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक समरसता और सौंदर्य को भी बढ़ाता है।

    भारत में सिविक सेंस का अभाव: प्रमुख कारण

    1. शिक्षा और जागरूकता की कमी:
      कई क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा में सिविक सेंस को शामिल करने पर ध्यान नहीं दिया जाता। लोग सार्वजनिक व्यवहार के महत्व से अनजान रहते हैं, जिससे गंदगी और अव्यवस्था बढ़ती है।
    2. जनसंख्या दबाव:
      भारत की विशाल आबादी और शहरीकरण के कारण सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ा है। इससे लोग व्यक्तिगत सुविधा को प्राथमिकता देते हैं, जैसे सड़क पर कचरा फेंकना या पार्किंग नियम तोड़ना।
    3. सांस्कृतिक और सामाजिक आदतें:
      कुछ सामाजिक मान्यताएँ, जैसे “यह सार्वजनिक जगह है, मेरी जिम्मेदारी नहीं,” सिविक सेंस को कमजोर करती हैं। ग्रामीण से शहरी पलायन के दौरान यह बदलाव धीमा रहा है।
    4. प्रशासनिक लापरवाही:
      सरकार और स्थानीय निकायों की ओर से सख्ती और जागरूकता अभियान की कमी भी जिम्मेदार है। जब नियमों का उल्लंघन सजा के बिना रहता है, तो लोग इसे दोहराते हैं।
    5. आर्थिक असमानता:
      गरीबी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण लोग तात्कालिक समाधानों, जैसे सड़क पर कचरा फेंकना, को अपनाते हैं, जो लंबे समय में सिविक सेंस को प्रभावित करता है।

    सिविक सेंस की कमी के प्रभाव

    • सड़कों पर गंदगी और प्रदूषण बढ़ना।
    • ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं में वृद्धि।
    • सार्वजनिक संपत्ति का क्षरण, जैसे बेंच तोड़ना या दीवारों पर पेंटिंग।
    • सामाजिक तनाव, क्योंकि अनुशासनहीनता से विवाद पैदा होते हैं।

    समाधान और रास्ता

    • शिक्षा और जागरूकता: स्कूलों और समुदायों में सिविक सेंस को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। विज्ञापन और अभियान प्रभावी हो सकते हैं।
    • कानूनी सख्ती: ट्रैफिक चालान, फाइन, और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई से व्यवहार में बदलाव आएगा।
    • सामुदायिक भागीदारी: स्थानीय लोग स्वच्छता ड्राइव और जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल हों, ताकि बदलाव नीचे से शुरू हो।
    • सरकारी पहल: स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों को मजबूत करना और बुनियादी सुविधाएँ, जैसे कूड़ेदान, बढ़ाना जरूरी है।

    निष्कर्ष

    भारत में सिविक सेंस का अभाव जटिल सामाजिक, आर्थिक, और प्रशासनिक कारणों से है, लेकिन यह बदल सकता है। सिविक सेंस सिर्फ नियमों का पालन नहीं, बल्कि एक बेहतर समाज बनाने की जिम्मेदारी है। सरकार, नागरिकों, और शिक्षकों को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा ताकि भारत न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि सामाजिक अनुशासन में भी आगे बढ़े।

    BehavioralChange CivicEducation CivicSense CleanIndia CommunityParticipation EducationReform GovernmentInitiatives IndianCulture IndiaSociety PollutionControl PublicAwareness PublicHygiene SocialResponsibility TrafficRules UrbanIssues
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleश्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मामले में हिंदू पक्ष को झटका, मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग वाली अर्जी खारिज
    Next Article ‘सरदार जी 3’ विवाद: दिलजीत दोसांझ और हानिया आमिर की जोड़ी पर बवाल, ‘बॉर्डर 2’ से हटाने की मांग
    परवेश चौहान

      जब मैं माइक लेकर निकलता हूं, तो खबरें खुद चलकर मेरे पास आती हैं। “On ground” मेरी पहचान है और “On point” मेरी स्टाइल।

      मिलती जुलती ख़बरें

      अध्यक्ष बनते ही एक्शन में आए नितिन नवीन

      January 21, 2026

      अध्यक्ष बनते ही एक्शन में आए नितिन नवीन

      January 21, 2026

      Rahul Gandhi: पीएम मोदी देश का धन अंबानी-अडाणी को देना चाह रहे, गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं: राहुल गांधी

      January 20, 2026

      BMC Mayor: कार्यकर्ताओं की इच्छा, बाल ठाकरे जन्मशती पर शिवसैनिक मेयर बने: एकनाथ शिंदे

      January 20, 2026

      प्रयागराज मेला प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद से शंकराचार्य होने का सबूत मांगा

      January 20, 2026

      हिंद महासागर के द्वीप को लेकर ब्रिटेन से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

      January 20, 2026
      Add A Comment
      Leave A Reply Cancel Reply

      ताज़ा खबर

      दिल्ली में हाई अलर्ट, पुलिस ने 10 आतंकियों के पोस्टर चस्पा किए

      By परवेश चौहानJanuary 21, 2026

      Delhi Breaking News : दिल्ली में हाई अलर्ट, पुलिस ने 10 आतंकियों के पोस्टर चस्पा…

      एक दिन में निवेशकों को नौ लाख करोड़ का नुकसान

      January 21, 2026

      गिल के बाद अब सूर्य की ‘अग्नि परीक्षा’

      January 21, 2026
      चर्चित ख़बरें

      देशवासियों को आज एक और झटका, रसोई गैस हुई महँगी

      दिल्ली की दिनभर की 10 बड़ी ख़बरें, रोज़ पढ़ें और अपडेट रहें

      मेहनत कर बन्दे, तू मेहनत से क्या कुछ नहीं पायेगा

      Subscribe to News

      Get the latest sports news from NewsSite about world, sports and politics.

      Advertisement

      TBK Media Private Limted

      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram
      • Editorial Team
      • Corrections Policy
      • Ethics Policy
      • Fact-Checking Policy
      • List ItemOwnership & Funding Information
      • Disclaimer
      • Sitemap
      © 2026 TBK Media Private Limited. Designed by Parmod Risalia.
      • About Us
      • Contact Us
      • Privacy Policy

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.