दिल्ली : दक्षिण दिल्ली में अंधाधुंध बुलडोजर एक्शन अब सभी को अपनी चपेट में ले रहा है, जिसमें सरकार द्वारा नियमित की गई अनधिकृत कॉलोनियाँ भी शामिल हैं। दक्षिण दिल्ली की पंचशील विहार कॉलोनी में हाल ही में शुरू हुई डिमॉलिशन और सीलिंग की कार्रवाई ने लोगों में दहशत फैला दी है। इन्हें अवैध निर्माण बताकर नोटिस चस्पाँ किए जा रहे हैं, और मकानों को खाली कराकर तोड़ा जा रहा है। यह मनमानी केंद्र सरकार की पीएम-यूडीए योजना के तहत की गई रजिस्ट्रियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठा रही है। जीवन भर की पूँजी लगाकर घर बनाने वाले निवासियों में अब अपने आशियाने के टूटने का डर व्याप्त है। कॉलोनी के लोग बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज और स्थानीय विधायक शिखा राय से इस कार्रवाई को रोकने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सरकारी तंत्र मूकदर्शक बना हुआ है।
कार्रवाई का दायरा और असर
पंचशील विहार में बुलडोजर की दस्तक ने उन परिवारों को हिला दिया है, जिन्होंने पीएम-यूडीए योजना के तहत अपनी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन कराया था। फिर भी, उन्हें अवैध ठहराकर नोटिस दिए जा रहे हैं। मकानों को खाली कराने और तोड़ने की प्रक्रिया ने लोगों की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
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दिल्ली में चल रहे अंधाधुंध बुलडोज़र एक्शन की चपेट में अब सभी आने लगे हैं, ख़ुद सरकार की ओर से नियमित की गईं अनधिकृत कॉलोनियों पर अब बुलडोज़र खड़े हो गए हैं. गुरुवार को पंचशील विहार में साल 1995 से पहले बनी इस बिल्डिंग पर प्रशासन ने मनमानी… pic.twitter.com/XNLMcsQFDk— द भारत खबर (@thebharatkhabar) July 11, 2025
लोगों की शिकायत और सरकार का रवैया
निवासियों का कहना है कि उन्होंने वैध दस्तावेज जमा किए थे, फिर भी कार्रवाई जारी है। उन्होंने बांसुरी स्वराज और शिखा राय से इस मनमानी को रोकने की अपील की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सरकारी तंत्र की चुप्पी से लोग और परेशान हैं।
पीएम-यूडीए योजना पर सवाल
2019 में शुरू हुई पीएम-यूडीए योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का वादा किया गया था। लेकिन इस कार्रवाई ने योजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे निवासियों में सरकार के प्रति भरोसा कम हुआ है।
पंचशील विहार में बुलडोजर एक्शन ने नियमित कॉलोनियों को भी प्रभावित किया है, जिससे लोगों में दहशत और असुरक्षा बढ़ी है। पीएम-यूडीए योजना की कथित असफलता और सरकारी उदासीनता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर क्या होता है, इस पर नजर बनी रहेगी।
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