दिल्ली : दक्षिण दिल्ली की नियमित कॉलोनी पंचशील विहार के निवासियों को बुधवार को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD द्वारा जारी किए गए सीलिंग और तोड़फोड़ के नोटिस पर रोक लगाते हुए चार हफ्तों का स्टे ऑर्डर जारी किया है। यह फैसला वकील शिव कुमार गौतम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया गया।
दरअसल, पंचशील विहार के कई मकानों को हाल ही में सीलिंग/डिमोलिशन नोटिस भेजे गए थे, जिसमें MCD ने मात्र तीन दिन के भीतर मकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया था। कॉलोनी के लोग इस नोटिस से सकते में आ गए और आनन-फानन में कोर्ट की शरण ली।
वकील शिव कुमार गौतम ने कोर्ट में मजबूत दलीलें दीं जिनका MCD के वकील ने पूरजोर विरोध किया, लेकिन हाईकोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद तोड़फोड़/डिमोलिशन की कार्रवाई पर रोक लगा दी। कोर्ट ने वकील शिव कुमार गुप्ता की दलीलों पर सहमति जताते हुए कहा कि बिना उचित प्रक्रिया और मौका दिए किसी भी आवासीय भवन को खाली कराने या गिराने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
आपको बता दें कि यह कॉलोनी वर्षों से बसी हुई है और यहां के अधिकांश निवासी PM-UDAY योजना के तहत पंजीकृत हैं ।बिल्डिंग्स 2018 से पहले की बनी हैं, जिनमें बिजली, पानी, गैस कनेक्शन जैसे सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। DDA ने PM-UDAY के तहत रजिस्ट्रेशन स्वीकार किया है, तो अब MCD द्वारा ‘अनधिकृत’ बताकर अचानक कार्रवाई करना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
कॉलोनीवासियों में खुशी की लहर
पंचशील विहार के लोगों ने इस आदेश को ‘जनता की जीत’ बताया और कहा कि ये फैसला उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो दिल्ली की कॉलोनियों में रहकर अपने घरों को वैध बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अब अगली सुनवाई तक लोगों को अस्थायी राहत मिली है, लेकिन सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या दिल्ली की रेखा सरकार इस मुद्दे पर कोई स्थायी समाधान पेश करेगी या नहीं।