दिल्ली : मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री आशीष सूद के साथ-साथ निगम के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में कचरा प्रबंधन, लैंडफिल स्थलों की स्थिति और साफ़-सफ़ाई से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा और दिशा तय करना था। बैठक के दौरान कई अहम बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई और आगामी कार्य योजनाएं तय की गईं।
बैठक के प्रमुख निर्णय:
कचरे को स्रोत (Source) पर ही अलग करने की योजना को और मज़बूती दी जाएगी। यानी घरों, दुकानों और ऑफिसों में ही कचरा सूखा और गीला अलग करना अनिवार्य किया जाएगा।
ट्रांसफर स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा ताकि कचरे का परिवहन तेज़ और व्यवस्थित हो सके।
कचरे से ऊर्जा (Waste-to-Energy) बनाने वाली परियोजनाओं को विस्तार दिया जाएगा, जिससे प्रदूषण घटे और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो।
दिल्ली में लैंडफिल साइट्स के बोझ को कम करने और उनके वैकल्पिक उपयोग पर भी योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि:
“दिल्ली को साफ़, स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता और तेज़ी से काम कर रही है। हम चाहते हैं कि स्वच्छता केवल अभियान न रहे, बल्कि यह नागरिक जीवन का हिस्सा बने।“
कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समयबद्ध तरीके से योजनाओं को लागू करें और क्षेत्रीय स्तर पर जनता से संवाद बढ़ाएं ताकि भागीदारी के साथ स्वच्छ दिल्ली का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
निगम की अगली रणनीति:
सभी वार्डों में जन-जागरूकता अभियान
बड़े स्तर पर निगरानी और जुर्माना प्रणाली
स्कूलों, RWAs और मार्केट असोसिएशनों के साथ सहयोग
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दिल्ली को लैंडफिल, प्रदूषण और गंदगी जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाने की दिशा में निर्णायक प्रयास किए जा रहे हैं। जनता को उम्मीद है कि सरकार और MCD की साझा पहल से दिल्ली वाकई में “क्लीन एंड ग्रीन कैपिटल” बन सकेगी।