गुवाहाटी : असम के गुवाहाटी में गुरुवार को हुई एक हिंसक घटना ने राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया है कि बुधवार को गुवाहाटी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने “लैंड जिहादियों” को भड़काया, जिसके बाद गुरुवार को इन लोगों ने असम पुलिस पर शारीरिक हमला कर दिया। इस घटना में 21 पुलिसकर्मी घायल हुए, और एक हमलावर की मौत हो गई।
घटना का विवरण
हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, राहुल गांधी और खड़गे ने गुवाहाटी में एक बंद दरवाजे की बैठक में कथित तौर पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को उकसाया। इसके बाद गुरुवार सुबह गोलपारा जिले के पैकान रिजर्व फॉरेस्ट में पुलिस और जंगल विभाग की टीम पर हमला हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हमला उन लोगों ने किया, जो पहले बेदखल किए गए थे और फिर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई, जिसमें एक हमलावर की मौत हो गई और एक अन्य घायल हुआ।
सीएम का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों ने भीड़ को हिंसक बनाया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस पर हमला हुआ। उन्होंने दावा किया कि पुलिस अब राहुल गांधी और खड़गे के भाषणों की जांच करेगी, और अगर उनके बयानों से कानूनी कार्रवाई की जरूरत पाई गई, तो उनके खिलाफ कदम उठाए जाएंगे। सरमा ने इसे कांग्रेस की “अनिरंतर राजनीति” का परिणाम बताया।
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी और खड़गे ने केवल स्थानीय मुद्दों, जैसे जमीन हड़पने और बेदखली, पर चर्चा की थी। असम कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार जानबूझकर इस घटना को राजनीतिक रंग दे रही है ताकि ध्यान असली समस्याओं से हटाया जा सके।
इस घटना ने असम में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है, खासकर 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले। गुवाहाटी में हुई इस हिंसा ने राहुल गांधी और खड़गे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस जांच जारी है। यह घटना असम में जमीन विवाद और राजनीतिक बयानों के प्रभाव को दर्शाती है।