हरियाणा के Faridabad में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। Haryana Anti Corruption Bureau (एसीबी) की टीम ने गुरुवार रात छांयसा थाने के एडिशनल एसएचओ एसआई प्रदीप को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिस अधिकारी पर सड़क हादसे के एक मामले में कार्रवाई से राहत देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी टीम ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, Chhainsa गांव निवासी संजय के चचेरे भाई की वैन से 13 फरवरी को एक सड़क हादसा हो गया था। इस दुर्घटना में बाइक सवार रोहित और उसका मामा घायल हो गए थे। घायल पक्ष की शिकायत पर वैन चालक के खिलाफ छांयसा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी जांच एसआई प्रदीप कर रहे थे।
समझौते के बाद मांगी 40 हजार की रिश्वत
बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष एक ही गांव के रहने वाले थे, इसलिए बाद में उनके बीच आपसी समझौता हो गया। इस समझौते की जानकारी जांच अधिकारी एसआई प्रदीप को भी दे दी गई थी। आरोप है कि समझौते के आधार पर मुकदमा रद्द करने और कार्रवाई से राहत देने के लिए एसआई प्रदीप ने संजय के चचेरे भाई से 40 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।
एसीबी ने बिछाया जाल, मौके पर गिरफ्तारी
पीड़ित पक्ष ने इस मामले की शिकायत एसीबी से की। शिकायत की जांच के बाद एसीबी टीम ने ट्रैप प्लान तैयार किया। गुरुवार रात जैसे ही एसआई प्रदीप ने शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपए लिए, पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली।
पुराने मामलों की भी जांच
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी पुलिस अधिकारी को अपने साथ ले गई और उससे पूछताछ शुरू कर दी। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि कहीं उसने पहले भी इस तरह रिश्वत लेकर मामलों में राहत तो नहीं दी। यदि जांच में अन्य शिकायतें सामने आती हैं तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी को रिश्वत लेते या मांगते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

