कहा, आने वाले महीनों के लिए भारत की कच्चे तेल की आवश्यकताएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और सप्लाई की कोई चिंता नहीं
Crude Oil Stock (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पश्चिम एशिया तनाव के चलते पैदा तेल और गैस की किल्लत को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत के पास अपनी जरूरतों के हिसाब से कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने अपनी कच्चे तेल की जरूरतों को सुरक्षित कर लिया है।
जिसमें ईरान से आयात भी शामिल है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ईरानी कच्चे तेल के भुगतान को लेकर किसी तरह की कोई बाधा नहीं है, जैसा कि कुछ अफवाहों में दावा किया जा रहा है। सरकार ने दोहराया कि आने वाले महीनों के लिए भारत की कच्चे तेल की आवश्यकताएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और सप्लाई को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है।
भुगतान संबंधी अफवाहों को नकारा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ईरानी कच्चे तेल की खेप को लेकर फैल रही खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को सिरे से खारिज किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि भुगतान संबंधी दिक्कतों के कारण गुजरात के वडीनार से ईरान का कच्चा तेल चीन की ओर मोड़ा गया।
इसलिए उठी थी अफवाह
दरअसल, तेल बाजार पर नजर रखने वाली एजेंसी केप्लर ने दावा किया था कि ईरान से लगभग 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा एक जहाज अचानक अपना मार्ग बदलकर चीन की दिशा में बढ़ गया । यह जहाज, जिसका नाम ‘पिंग शुन’ है, गुरुवार रात तक अरब सागर में भारत के रास्ते पर था और इसके गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी। केप्लर में रिफाइनरी और आॅयल मार्केट मॉडलिंग के मैनेजर सुमित रितोलिया ने बताया था कि यह जहाज पिछले तीन दिनों से वाडिनार की ओर बढ़ रहा था, लेकिन मंजिल के करीब पहुंचने से ठीक पहले इसने अपनी दिशा बदल दी। उन्होंने कहा था कि जहाज ने अब अपने घोषित गंतव्य भारत से बदलकर चीन की ओर संकेत देना शुरू कर दिया है, जिससे इस अचानक बदलाव को लेकर सवाल खड़े हो गए थे।
इस सप्ताह तीन जहाज पहुंचेंगे भारत
भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन शान्वी 3 अप्रैल 2026 की रात हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जहाज में करीब 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लदा हुआ था। आने वाले दिनों में दो और भारत-ध्वज वाले एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा और जग विक्रम भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना होंगे।
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