Haryana School Admission Rule: हरियाणा में कक्षा 1 में दाखिला लेने वाले बच्चों की आयु सीमा को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब प्रदेश में क्लास 1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष होना अनिवार्य होगा। यह निर्णय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद लिया गया है और इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप लागू किया जा रहा है। गुरुग्राम सहित पूरे हरियाणा के सरकारी और निजी स्कूलों में अब इसी नियम के तहत दाखिले होंगे।
दरअसल, दिविशा यादव बनाम हरियाणा राज्य मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि हरियाणा अपने शिक्षा मैनुअल को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुरूप अपडेट नहीं कर रहा है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्लास 1 में प्रवेश की उम्र NEP के अनुसार तय की जाए। इसके बाद राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए न्यूनतम आयु 6 वर्ष निर्धारित कर दी है। Haryana School Admission Rule
नए नियम के तहत जो बच्चे तय उम्र पूरी नहीं करते हैं, उन्हें क्लास 1 में दाखिला नहीं दिया जाएगा। ऐसे बच्चों को प्री-प्राइमरी या बाल वाटिका में ही पढ़ाई जारी रखनी होगी। जैसे ही बच्चे की उम्र 6 साल पूरी होगी, उसे कक्षा 1 में प्रवेश दिया जाएगा। इससे शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता आएगी और बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने पर जोर मिलेगा। Haryana School Admission Rule
गौरतलब है कि देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह नियम पहले से लागू है। करीब 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पहले ही NEP 2020 के तहत क्लास 1 के लिए 6 साल की न्यूनतम आयु सीमा का पालन कर रहे हैं। हालांकि अभी भी तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल समेत कुछ राज्यों में यह नियम पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। Haryana School Admission Rule
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने भी इस व्यवस्था को अपना लिया है। दिल्ली में वर्ष 2026 से सभी स्कूलों में केवल उन्हीं बच्चों को क्लास 1 में दाखिला मिलेगा, जिनकी आयु कम से कम 6 वर्ष होगी। इसी तरह गोवा में भी गोवा स्कूल एजुकेशन बिल 2026 के तहत क्लास 1 में प्रवेश की न्यूनतम उम्र आधिकारिक तौर पर 6 साल तय की जा रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी यह नियम लागू हो चुका है।
हरियाणा सरकार का यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे बच्चों पर कम उम्र में पढ़ाई का दबाव कम होगा और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार होकर औपचारिक शिक्षा शुरू करने का मौका मिलेगा। Haryana School Admission Rule


