
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस कंपनी के साथ किया करार
AgustaWestland And Adani Group Defence Deal, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड एक बार फिर भारत के रक्षा क्षेत्र में वापसी करने जा रही है। वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले से जुड़े विवाद के बाद कंपनी को 2014 में ब्लैकलिस्ट किया गया था, लेकिन नवंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय से क्लीन चिट मिलने के करीब पांच साल बाद अब वह दोबारा भारतीय डिफेंस सेक्टर में कदम रख रही है। कंपनी ने अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस कंपनी से मेक इन इंडिया के तहत हेलीकॉप्टर निर्माण के लिए सामरिक समझौता किया है।
समझौते के तहत, दोनों कंपनियां, सेना (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) के लिए हेलीकॉप्टर का साझा निर्माण देश में करेंगी। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुई ट्रेड डील के बाद, दोनों देशों में ये बड़ा समझौता माना जा रहा है। सेना के अलावा, सिविल और कमर्शियल हेलीकॉप्टर का निर्माण करने की तैयारी में भी दोनों कंपनियां हैं।
अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी का लियोनार्डो ने किया अधिग्रहण
खास बात है कि इटली की ये लियोनार्डो कंपनी, एक दशक पहले देश में हुए वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़ी है। वीवीआईपी हेलीकॉप्टर बनाने वाली अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी का कुछ साल पहले लियोनार्डो ने अधिग्रहण कर लिया था। अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी ने अपना नाम बदलकर फिनमैनिका कर लिया था, जिसे हाल में क्लीन चिट मिल चुकी है। वीवीआईपी घोटाले के बाद, रक्षा मंत्रालय ने फिनमैनिका कंपनी को ब्लैक-लिस्ट में डाल दिया था।
समझौते पर किए हस्ताक्षर, भारत में तैयार किया जाएगा हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम
देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार (3 फरवरी, 2026) को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अडानी डिफेंस के डायरेक्टर (और अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी के बेटे) जीत अडानी की मौजूदगी में, दोनों कंपनियों से जुड़े अधिकारियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस दौरान कंपनी के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि इस समझौते के साथ, अडानी डिफेंस और लियोनार्डो, भारत में हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम तैयार करने जा रहे हैं। समझौते के तहत, अडानी डिफेंस, मेक इन इंडिया के तहत हेलीकॉप्टर के डिजाइन से लेकर निर्माण और टफड यानी मेंटेनेंस एंड रिपेयर फैसिलिटी तैयार करने जा रही है।
120 हेलीकॉप्टर के लिए रक्षा मंत्रालय ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया
एक अनुमान के मुताबिक, सेना के तीनों अंगों को आने वाले कुछ सालों में हैवी-लिफ्ट से लेकर अटैक और मल्टीरोल सहित 300 से भी ज्यादा हेलीकॉप्टर की जरूरत पड़ने जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने 120 हेलीकॉप्टर के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू भी कर दी है।
क्योंकि थलसेना, वायुसेना और नौसेना की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले चीता-चेतक हेलीकॉप्टर अब पुराने पड़ गए हैं और उन्हें रिप्लेस करने की सख्त जरूरत है। इस कमी को पूरा करने के लिए अडानी और इटली की कंपनी जोर लगा रही हैं।
कांग्रेस सरकार में हुआ था घोटाला
कांग्रेस की अगुवाई वाली वढअ सरकार (2004-2014) के आखिरी सालों में वीवीआई हेलीकॉप्टर सामने आया था। आरोप लगा था कि वायुसेना के लिए इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से खरीदे जाने वाले 12 (वीवीआईपी) हेलीकॉप्टर में कांग्रेस से जुड़े नेताओं और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने घूस खाई थी।
तत्कालीन वायुसेना प्रमुख को जाना पड़ा था जेल
मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एपी त्यागी को जेल तक जाना पड़ा था। ऐसे में रक्षा मंत्रालय ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर बनाने वाली अगस्ता वेस्टलैंड और उससे जुड़ी इटली की कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन 2021 में अगस्ता वेस्टलैंड को क्लीन चिट मिल गई थी।
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