UN Secretary General Antonio Guterres, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे पांच दिवसीय ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि किस तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जाना चाहिए।
गुटेरेस ने यह भी कहा कि कुछ मुट्ठी भर देशों द्वारा एआई का भविष्य तय नहीं किया जाना चाहिए या कुछ अरबपतियों का इस पर कंट्रोल नहीं होना चाहिए।
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न्योते के लिए किया पीएम मोदी का धन्यवाद
यूएन महासचिव ने अपने भाषण में एआई समिट का न्योता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। साथ ही उन्होंने ग्लोबल साउथ में पहले एआई समिट के आयोजन में भारत की लीडरशिप के लिए उन्हें बधाई दी। गुटेरेस ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी, आपके प्यार भरे न्योते के लिए धन्यवाद और ग्लोबल साउथ में पहले एआई समिट के आयोजन में भारत की लीडरशिप के लिए बधाई।
भारत में आयोजित वैश्विक सम्मेलन का खास मतलब
एंटोनियो गुटेरेस ने जोर देकर कहा कि एआई तेजी से समाज और अर्थव्यवस्था को बदल रहा है और इसका गवर्नेंस स्ट्रक्चर सबको साथ लेकर चलने वाला व दुनिया भर में लोगों को दिखाने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा, भारत में आयोजित मीटिंग का खास मतलब है। यूएन प्रमुख ने दोहराया कि एआई का भविष्य कुछ मुट्ठी भर देश तय नहीं कर सकते या इसे कुछ अरबपतियों की मर्ज़ी पर नहीं छोड़ा जा सकता।
टेक्नोलॉजी जो जिंदगी को बेहतर बनाए और धरती की रक्षा करे
यूएन महासचिव ने कहा, इस सम्मेलन का मैसेज आसान है। असली असर का मतलब है ऐसी टेक्नोलॉजी जो जिंदगी को बेहतर बनाए और धरती की रक्षा करे। उन्होंने आह्वान किया, तो चलिए, सबके लिए डिग्निटी के साथ डिफॉल्ट सेटिंग के तौर पर एआई बनाते हैं।
यूएन को सपोर्ट करने की काफी क्षमता
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि एआई में सबको साथ लेकर चलने, असमानता कम करने, लगभग 80 प्रशितत सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) को तेजी से पूरा करने और यूनाइटेड नेशंस सिस्टम के काम को मजबूत करने में यूएन को सपोर्ट करने की काफी क्षमता है। यूएन ने अपने काम में अंदरूनी तौर पर एआई को अपनाने के लिए एक प्रोएक्टिव, एथिकल, ह्यूमन राइट्स-बेस्ड और मैंडेट-लेड अप्रोच अपनाने का भी वादा किया है।
यूएन सिस्टम आर्गनाइजेशन इनोवेशन प्रोसेस के सभी स्टेप्स को सपोर्ट करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artifical Intelligence) डेटा मॉडल्स में जेंडर इनइक्वालिटी, डिस्क्रिमिनेशन और बायस को दूर करने, मशीन लर्निंग, आईए से बेहतर प्रेडिक्टिव तथा प्रिस्क्रिप्टिव एनालिटिक्स में इन्वेस्ट करने के लिए एआई का इस्तेमाल करते हैं।
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