बाइडन प्रशासन के समय हुई थी इन राजदूतों की नियुक्ति
US Ambassadors, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: अमेरिका ने 29 देशों से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है, जिन राजदूतों को वापस बुलाया गया है। उनकी नियुक्ति बाइडन प्रशासन के समय हुई थी। ये राजदूत टंप प्रशासन के समय भी अपने पद पर बने हुए थे। अब इन राजदूतों को पद से हटा दिया गया है। उन्हें वापस बुला लिया है। ट्रंप प्रशासन के इस कदम से विदेश नीति में बड़े बदलाव की तैयारी दिखाई दे रही है। ट्रंप राजदूत के पद पर ऐसे लोगों की नियुक्ति करना चाहते जो अमेरिका फर्स्ट प्राथमिकताओं का पूरी तरह से समर्थन करते हों।
बता दें कि अमेरिकी राजदूत राष्ट्रपति की इच्छा के अनुसार कार्य करते हैं, हालांकि वे आमतौर पर तीन से चार साल तक अपने पद पर बने रहते हैं। नोटिस मिलने वाले इन सभी राजदूतों की ज्वाइनिंग बाइडेन के कार्यकाल के दौरान हुई थी। जिन्हें वापस बुलाने का फैसला लिया गया है। हालांकि फेरबदल से प्रभावित राजदूतों की विदेश सेवा की नौकरियां नहीं छिनेंगी, बल्कि वे चाहें तो अन्य कार्यभारों के लिए वाशिंगटन लौट सकेंगे।
विदेश विभाग के दो अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले सप्ताह कम से कम 29 देशों में तैनात राजदूतों को सूचित किया गया कि उनकी सेवाएं जनवरी में समाप्त होंगी। इस सभी को बीते बुधवार से वाशिंगटन के अधिकारियों से नोटिस मिलने शुरू हुए थे।
सबसे ज्यादा अफ्रीकी देशों पर पड़ा प्रभाव
फिलहाल स्टेट डिपार्टमेंट ने यह नहीं बताया कि कुल कितने राजनयिक प्रभावित होंगे या किन-किन देशों से उन्हें वापस बुलाया जा रहा है। विदेश विभाग ने इसे सिर्फ सामान्य प्रक्रिया बताया है। इस फैसले का सबसे अधिक प्रभाव अफ्रीकी देशों पर पड़ा है। क्योंकि अफ्रीका के 13 देशों- बुरुंडी, कैमरून, केप वर्डे, गैबॉन, आइवरी कोस्ट, मेडागास्कर, मॉरीशस, नाइजर, नाइजीरिया, रवांडा, सेनेगल, सोमालिया और युगांडा से राजदूतों को वापस बुलाया जा रहा है।
इन देशों के राजदूतों को भी जा रहा बदला
एशिया में छह देशों फिजी, लाओस, मार्शल आइलैंड्स, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस और वियतनाम में तैनात अमेरिकी राजदूतों को भी बदला जा रहा है। वहीं, यूरोप में आर्मेनिया, नॉर्थ मैसेडोनिया, मोंटेनेग्रो और स्लोवाकिया इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा मध्य पूर्व के दो-दो देश (अल्जीरिया और मिस्र); दक्षिण और मध्य एशिया के दो-दो देश (नेपाल और श्रीलंका), और पश्चिमी गोलार्ध के दो-दो देश (ग्वाटेमाला और सूरीनाम) से भी करियर डिप्लोमैट्स को वापस बुलाया जा रहा है।
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